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लाभ

A. मृत्यु पर मिलने वाली राशि:

बीमित राशि और पॉलिसीधारक के फंड मूल्य में से जो अधिक हो, उसका भुगतान मृत्यु पर मिलने वाली राशि के रूप में किया जाएगा.

B) परिपक्वता राशि:

चुनी गई पॉलिसी अवधि की समाप्ति तक बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर, पॉलिसीधारक के फंड मूल्य के बराबर राशि का भुगतान देय होगा.

1. विकल्प:

क) दुर्घटना हितलाभ विकल्प:

यदि आपकी आयु 18 वर्ष से अधिक है, तो आप अपने जीवन बीमा की राशि के बराबर दुर्घटना हितलाभ के लिए विकल्प दे सकते हैं, जो न्यूनतम रु.25000 के लिए और अधिकतम रु.50 लाख (भारतीय जीवन बीमा निगम और अन्य बीमाकर्ताओं के साथ सभी पॉलिसियाँ मिलाकर.) के लिए होगा. दुर्घटना से मृत्यु होने की स्थिति में दुर्घटना हितलाभ बीमा राशि के बराबर अतिरिक्त राशि देय होगी.

ख) गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर:

यदि आपकी आयु 18 और 50 वर्ष के बीच है तो आप जीवन बीमा के बराबर गंभीर बीमारी हितलाभ के लिए विकल्प दे सकते हैं, जिसकी न्यूनतम राशि रू. 50000/- और अधिकतम रु 10/- लाख (भारतीय जीवन बीमा निगम के साथ सभी पॉलिसियाँ मिलाकर) होगी. यह हितलाभ केवल उस पॉलिसी वर्षगाँठ तक, जिस पर बीमित व्यक्ति की उसके निकटतम जन्मदिवस पर आयु 60 वर्ष हो अथवा पॉलिसी अवधि के अंत तक उपलब्ध होगा. गंभीर बीमारी की विनिर्दिष्ट कोटियों के निदान होने की स्थिति में कुछ निबंधनों तथा शर्तों के अधीन, गंभीर बीमारी हितलाभ के बराबर अतिरिक्त राशि देय होगी.

2. फंड का निवेश: यूनिट्स खरीदने के लिए आवंटित प्रीमियमों का निवेश विभिन्न प्रकार के फंड्स में निर्दिष्ट निवेश पैटर्न के अनुसार ही किया जाएगा. विभिन्न प्रकार के फंड और उनका निवेश पैटर्न नीचे लिखे अनुसार होगा:
 

फंड के प्रकार सरकारी/ सरकार द्वारा गारंटी प्राप्त प्रतिभूतियों/ निगम ऋणों में निवेश अल्प-अवधि निवेश जैसे मुद्रा बाज़ार में निवेश सूचीकृत इक्विटी शेयर में निवेश जोख़िम/प्रतिफल के लिए फंड का ब्योरा और उद्देश्य
बॉन्ड फंड 60% से कम नहीं 40% से अधिक नहीं शून्य न्यून जोख़िम
रक्षित फंड 45% से कम नहीं 40% से अधिक नहीं 15% से कम नहीं और 55% से अधिक नहीं स्थिर आय – कम से मध्यम जोख़िम
संतुलित फंड 30% से कम नहीं 40% से अधिक नहीं 30% से कम नहीं और 70% से अधिक नहीं संतुलित आय और वृद्धि – मध्यम जोखिम
वृद्धि फंड 20% से कम नहीं 40% से अधिक नहीं 40% से कम नहीं और 80% से अधिक नहीं दीर्घावधि पूँजी वृद्धि – अधिक जोखिम

पॉलिसीधारक के पास उपर्युक्त 4 फंडों में से कोई एक चुनने का विकल्प है.

3. यूनिट की कीमत की गणना की विधि: य़ूनिटों का आवंटन संबंधित फंड के उस निवल परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) के आधार पर किया जाएगा, जो आवंटन की तिथि का हो. बिड-ऑफ़र कीमतों में कोई अंतर नहीं है. (यूनिटों की बिड कीमत और ऑफ़र कीमत दोनों ही एनएवी के बराबर होंगे). एनएवी की गणना दैनिक आधार पर की जाएगी, जो निवेश निष्पादकता, फंड प्रबंधन प्रभार तथा यह इस बात पर आधारित होगी कि प्रत्येक प्रकार के फंड के अंतर्गत फंड का प्रसार हो रहा है या संकुचन और इसकी गणना नीचे लिखे अनुसार की जाएगी:

विनियोग कीमत लागू की जाती है (जब फंड का प्रसार हो रहा हो): फंड में पड़े निवेशों का बाज़ार मूल्य धन परिसंपत्तियों के क्रय में किया गया ख़र्च धन किन्हीं चालू परिसंपत्तियों का मूल्य धन कोई प्रोद्भूत आय, फंड प्रबंधन प्रभार निकालकर ऋण किन्हीं चालू देयताओं का मूल्य प्रावधान घटाकर, यदि कोई हो, मूल्यन की तिथि को विद्यमान यूनिटों की संख्या से भाग करके (कोई नए यूनिट आवंटित करने से पहले).

स्वत्वहरण कीमत लागू की जाती है (जब फंड का संकुचन हो रहा हो): फंड में पड़े निवेशों का बाज़ार मूल्य परिसंपत्तियों की बिक्री में किए गए ख़र्चों को निकालकर धन किन्हीं चालू परिसंपत्तियों का मूल्य धन कोई प्रोद्भूत आय, फंड प्रबंधन प्रभार निकालकर ऋण किन्हीं चालू देयताओं का मूल्य प्रावधान घटाकर, यदि कोई हो, मूल्यन की तिथि को विद्यमान यूनिटों की संख्या से भाग करके (कोई नई यूनिट विमोचित करने से पहले).

निवल परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) लागू होना:ई.सी.एस या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ़्ट के साथ जहाँ प्रीमियम स्वीकार किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा एक निर्दिष्ट समय तक (संप्रति 3.00 बजे अपराह्न) प्राप्त प्रीमियमों के लिए उस दिन का अंतिम एनएवी लागू होगा जिस दिन प्रीमियम प्राप्त हो. ई.सी.एस या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ़्ट के साथ जहाँ प्रीमियम प्राप्त किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा उस समय के बाद प्राप्त प्रीमियमों के लिए अगले कार्यदिवस का अंतिम एनएवी लागू होगा..

इसी प्रकार, निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, आंशिक प्रत्याहरण, मृत्यु दावे, स्विचेस, और पूर्ण प्रत्याहरण इत्यादि की स्थिति में उस समय तक प्राप्त वैध आवेदनों के संबंध में उस दिन का अंतिम एनएवी लागू होगा. निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, पूर्ण प्रत्याहरण, मृत्यु दावे, स्विचेस और पूर्ण प्रत्याहरण की स्थिति में उस समय के बाद प्राप्त वैध आवेदनों के लिए अगले कार्यदिवस का अंतिम एनएवी लागू होगा.

अवरुद्ध होने की स्थिति में, जैसा कि नीचे पैरा 9 में निर्दिष्ट किया गया है, जिसमें पॉलिसीधारक द्वारा सूचना प्राप्त होने से 30 दिन की अवधि में विकल्प का प्रयोग नहीं किया जाता है, तो सूचना अवधि की समाप्ति की तिथि का एनएवी लागू होगा.

परिपक्वता दावे के संबंध में, परिपक्वता की तिथि का एनएवी लागू होगा.

समय (संप्रति 3 बजे अपराह्न) वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार दिया गया है और आईआरडीए से अनुदेशों के अनुसार इसमें परिवर्तन किए जाएँगे.

4. अभ्यर्पण: अभ्यर्पण मूल्य, यदि कोई हो, नीचे लिखे अनुसार देय होता है:

यदि पॉलिसी इसके शुरू होने की तिथि के 5 वर्ष के भीतर अभ्यर्पित की जाती है:

यदि आप पॉलिसी शुरू होने की तिथि के 5 वर्षों के भीतर पॉलिसी के अभ्यर्पण के लिए आवेदन करते हैं, तो अवरोधन प्रभार घटाने के पश्चात पॉलिसीधारक के फंड मूल्य को नीचे दिए गए पैरा 10 के अनुसार मौद्रिक रूप में परिवर्तित कर लिया जाएगा. यह मौद्रिक राशि अवरुद्ध पॉलिसी फंड में जमा कर दी जाएगी और इसके पश्चात कोई प्रभार नहीं लगाया जाएगा. अवरुद्ध पॉलिसी की राशि का उपयोग, नीचे दिए गए पैरा 10 के अनुसार, पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 5 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात भुगतान करने में किया जाएगा.
अभ्यर्पण की तिथि के पश्चात लेकिन पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 5 वर्ष के पूर्व ही बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में, अवरुद्ध पॉलिसी की राशि का भुगतान तत्काल नामिती/ वैधानिक उत्तराधिकारी को देय होगा.

यदि पॉलिसी इसके शुरू होने की तिथि के 5 वर्ष के पश्चात अभ्यर्पित की जाती है:

यदि आप पॉलिसी को इसके शुरू होने की तिथि से 5 वर्ष के पश्चात अभ्यर्पित करने के लिए आवेदन करते हैं, तो अभ्यर्पण की तिथि को पॉलिसीधारक के फंड मूल्य का उपयोग भुगतान के लिए किया जाएगा. कोई अवरोधन प्रभार नहीं लिया जाएगा.

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