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जीवन निधि

विशेषताएँ

एल.आई.सी. की जीवन निधि योजना लाभ सहित विलंबित वार्षिकी (पेंशन) योजना है. पॉलिसी धारक के पॉलिसी की अवधि भर जीवित रहने पर पॉलिसी की संचित रशि (अर्थात बीमित राशि + ज़मानतशुदा जोड़ + बोनस) का प्रयोग पॉलिसी धारक को पेंशन ( वार्षिकी ) देने के लिये किया जाता है. यह योजना विलंबन काल के लिये सुरक्षा भी प्रदान करती है. कवच योजना की मुख्य विशेषता यह है कि पेंशन चालीसवें वर्ष से आरंभ होती है. इस पॉलिसी के प्रीमियमों की राशि आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीसी के अंतर्गत कर मुक्त होती है.

मुख्य विशेषताएं

अ. ज़मानतशुदा जोड़: आरंभ के पांच वर्षों तक 50 रुपये प्रति हज़ार बीमित रकम पर प्रति वर्ष की दर से हर वर्ष की समाप्ति पर ज़मानतशुदा लाभ दिया जाता है.

ब. लाभ में भागीदारीः पॉलिसी छठे वर्ष से निगम के लाभ में भागीदारी करने लगेगी और निगम के अनुभवों के आधार पर मिलने वाले बोनसों की अधिकारी होगी.

स . निवेशन लाभ

1. रूपांतरण के विकल्प: निहित होने पर उपलब्ध राशि के एक तिहाई भाग तक, जिसमें मूल योजना के अंतर्गत बीमित राशि के अतिरिक्त अर्जित ज़मानतशुदा लाभ, अतिरिक्त प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम बोनस , बशर्ते कि इस तरह के बोनस मिले हों , शामिल होते हैं.

2. चुने हुए विकल्पानुसार वार्षिकी: रूपांतरण विकल्प चुनने पर शेष राशि पर वार्षिकी, अन्यथा पूरी राशि पर वार्षिकी

द. वार्षिकी विकल्प:

निहितता पर, बीमाधारक/ उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति को मिलने वाली वार्षिकी की किश्‍तें,वार्षिकी के भुगतान का प्रकार, वार्षिकी का प्रकार वगैरह भारतीय जीवन बीमा निगम की वर्तमान वार्षिकी योजना और उसके नियम व शर्तों के अनुसार किया जायेगा. वर्तमान में एलआईसी की मौज़ूदा वार्षिकियों के अंतर्गत निम्न विकल्प उपलब्ध हैं:

वर्तमान में एल.आई.सी. की मौजूदा वार्षिकी के अंतर्गत निम्न विकल्प उपलब्ध हैं:

1. आजीवन वार्षिकीः

बीमित व्यक्ति को उसके जीवित रहने तक वार्षिकी देय होती है.

2. विशेष अवधि तक ज़मानतशुदा वार्षिकी:

बीमित व्यक्ति को उसकी चुनी हुई अवधि तक , जैसे 5, 10, 15, 20 वर्ष तक वार्षिकी का भुगतान किया जाता है चाहे वह जीवित रहे या न रहे. उसके बाद बीमित व्यक्ति को जीवन भर वार्षिकी का भुगतान किया जाता है.

3. मृत्यु पर क्रयमूल्य की वापसी सहित वार्षिकीः

बीमित व्यक्ति को उसके जीवित रहने तक वार्षिकी का भुगतान किया जाता है. उसकी मृत्यु पर मृत्यु लाभ के रूप में क्रय मूल्य लौटा दिया जाता है. क्रय मूल्य में मूल बीमा राशि, अर्जित ज़मानतशुदा लाभ और किसी भी तरह का अर्जित बोनस , रूपांतरण मूल्य को छोड़कर, सम्मिलित होता है.

4. बढ़ती हुई वार्षिकीः

वार्षिकी बीमित व्यक्ति के जीवित रहने तक अदा की जाती है. वार्षिकी की राशि तीन प्रतिशत वार्षिक पर प्रतिवर्ष निरंतर बढ़ती रहती है.

5. संयुक्त जीवन अंतिम उत्तरजीवी वार्षिकीः

बीमित व्यक्ति को उसके जीवन भर वार्षिकी का भुगतान किया जाता है. उसकी मृत्यु पर उसके द्वारा नामांकित जीवनसाथी को जीवन भर पचास प्रतिशत वार्षिकी का भुगतान किया जाता है.

य. वार्षिकी निहित होने से पूर्व मृत्यु की स्थिति में मृत्यु लाभः

वार्षिकी निहितता से पहले, विलंबन काल के दौरान बीमित व्‍यक्‍ति की मृत्‍यु हो जाने पर, उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति को मूल योजना के अंतर्गत बीमा धन के बराबर धनराशि, अर्जित ज़मानतशुदा लाभ, प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम बोनस, यदि कोई है, का भुगतान एकमुश्त राशि में किया जायेगा। नामंकित व्यक्ति के पास इस राशि से वार्षिकी खरीदने का विकल्प भी होगा.

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