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Flexi Plus

विशेषताएँ

LIC का फ़्लेक्सी प्लस (यूआईएन : 512L272V01 )
LIC का फ़्लेक्सी प्लस एक यूनिट लिंक्ड बीमा योजना है, जो न केवल मृत्यु पर एकमुश्त हितलाभ प्रदान करती है, बल्कि पॉलिसीधारक की उत्तरजीविता का विचार किए बिना, परिपक्वता लाभ भी दिलाती है. यह योजना विशिष्ट रूप से आपके लिए सुरक्षा और दीर्घावधि बचत का बहुत अच्छा संयेाजन प्रदान करने के लिए बनाई गई है और साथ-ही आपको एक बेहतर ज़िंदगी जीने और अपने सपनों को साकार करने के लिए लचीलापन प्रदान करती है.
इस योजना के मुख्य लाभ हैं:

  • » पॉलिसी अवधि चुनने की स्वतंत्रता
  • » अपनी सुविधा के अनुसार प्रीमियम भुगतान विधि चुनने की स्वतंत्रता
  • » निवेश की जरूरत के अनुसार फंड प्रकारों से चुनने की स्वतंत्रता
  • » आकस्मिक जरूरत के अुनसार आंशिक निकासी की स्वतंत्रता

1. प्रीमियमों का भुगतान आप पॉलिसी अवधि पूरी होने तक प्रीमियम का नियमित भुगतान वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक या मासिक (केवल ईसीएस विधि के द्वारा) अंतरालों पर कर सकते हैं. वार्षिक या अर्ध-वार्षिक या त्रैमासिक प्रीमियम के भुगतान के लिए 30 दिनों की और मासिक (ईसीएस) प्रीमियम के लिए 15 दिनों की रियायती अवधि दी जाएगी.
2. पात्रता की शर्तें और अन्य प्रतिबंध:
(a) प्रवेश के समय न्यूनतम आयु - 18 वर्ष (पिछला जन्मदिन)
(b) प्रवेश के समय अधिकतम आयु - 50 वर्ष (निकटतम जन्मदिन)
(c) परिपक्वता पर अधिकतम आयु - 60 वर्ष (निकटतम जन्मदिन)
(e) पॉलिसी अवधि - 10 to 20 वर्ष 
(f) प्रीमियम राशि -

विधि न्यूनतम (रु.) अधिकतम (रु.)
वार्षिक 15,000 100,000
अर्द्ध-वार्षिक    10,000 50,000
त्रैमासिक 5,000 25,000
मासिक (ईसीएस 2,000 8,000

(h) योजना के अंतर्गत बीमा राशि -   
(10 * वार्षिकीकृत प्रीमियम) अथवा ( कुल चुकाए गए प्रीमियम का 105%, देय लेकिन नहीं चुकाए गए प्रीमियम सहित), इनमें से जो भी अधिक हो.
3. फंड का निवेश: 
यूनिट फंड: यूनिटों को खरीदने के लिए आबंटित प्रीमियमों को केवल विभिन्न प्रकार की निधियों में निर्धारित निवेश पैटर्न के अनुसार ही निवेश किया जाएगा. विभिन्न प्रकार की निधियां और उनका निवेश पैटर्न निम्नानुसार होगा:

फंड का प्रकार सरकारी/ सरकार द्वारा गारंटीकृत प्रतिभूतियों/ निगमित ऋण में निवेश अल्पावधि निवेश जैसे मुद्रा बाज़ार इंस्ट्रूमेंट सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों में निवेश जोख़िम/प्रतिफल के लिए निधि का ब्योरा और उद्देश्य SFIN सं.
ऋण फंड 60 प्रतिशत से कम नहीं 40 प्रतिशत से अधिक नहीं शून्य कम जोख़िम ULIF00118 0912LICFLX+DBT512
मिश्रित फंड 45 प्रतिशत से कम नहीं 40 प्रतिशत से अधिक नहीं 15% से कम नहीं और 25 प्रतिशत से अधिक नहीं स्थिर आय – कम से मध्यम जोख़िम ULIF00218 0912LICFLX+MIX512

पॉलिसीधारक के पास उपर्युक्त 2 निधियों में से कोई एक चुनने का विकल्प है.
4. यूनिट मूल्य की गणना की विधि: यूनिटों के आबंटन संबंधित निधि के उस निवल परिसंपत्ति मूल्य (NAV) के आधार पर किया जाएगा, जो आबंटन की तिथि का हो. बिड-ऑफ़र कीमतों में कोई अंतर नहीं है. (यूनिटों की बिड कीमत और ऑफ़र कीमत दोनों ही NAV के बराबर होंगी). NAV की गणना प्रतिदिन आधार पर की जाएगी और निवेश निष्पादन, प्रत्येक प्रकार की निधि के निधि प्रबंधन प्रभार पर आधारित होगी, इसकी गणना इस प्रकार की जाएगी:

निधि में किए गए निवेश का बाजार मूल्य + चालू परिसंपत्तियों का मूल्य – चालू देयताओं और प्रावधानों का मूल्य, यदि कोई हो तो 
------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मूल्यन तिथि पर मौज़ूद यूनिटों की संख्या (निर्माण से पहले / यूनिटों का विमोचन)
निवल परिसंपत्ति मूल्य (NAV) लागू होना: ECS या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ़्ट के साथ जहाँ प्रीमियम स्वीकार किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा एक विनिर्दिष्ट समय तक (संप्रति 3.00 बजे अपराह्न) प्राप्त प्रीमियमों के लिए उस दिन का अंतिम NAV लागू होगा जिस दिन प्रीमियम प्राप्त हो. ECS या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ़्ट के साथ जहाँ प्रीमियम प्राप्त किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा उस समय के बाद प्राप्त प्रीमियमों के लिए अगले कार्यदिवस का अंतिम NAV लागू होगा।
इसी प्रकार, निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, आंशिक प्रत्याहरण, मृत्यु दावे, पॉलिसी बंद होने के बाद पुर्नचलन, स्विचेस, और पूर्ण प्रत्याहरण की स्थिति आदि के लिए उस समय तक प्राप्त वैध आवेदनों के संबंध में उस दिन का अंतिम NAV लागू होगा. निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, आंशिक आहरण, मृत्यु दावे, पॉलिसी बंद होने के बाद पुर्नचलन, स्विचेस और पूर्ण प्रत्याहरण की स्थिति आदि के संबंध में उस समय के बाद प्राप्त वैध आवेदनों के लिए अगले कार्यदिवस का अंतिम NAV लागू होगा.
बंद होने की स्थिति में, जैसा कि नीचे पैरा 8 में निर्दिष्ट किया गया है, जिसमें पॉलिसीधारक द्वारा सूचना प्राप्त होने से 30 दिन की अवधि में विकल्प का प्रयोग नहीं किया जाता है, तो सूचना अवधि की समाप्ति की तिथि का NAV लागू होगा। 
परिपक्वता दावे के संबंध में,परिपक्वता की तिथि का NAV लागू होगा.
समय (संप्रति 3 बजे अपराह्न) वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार दिया गया है और इस संबंध में IRDA से प्राप्त अनुदेशों के अनुसार परिवर्तन किए जाएँगे.
5. योजना के अंतर्गत प्रभार: 
A) प्रीमियम आवंटन प्रभार: : यह प्रीमियम का वह प्रतिशत है, जो प्राप्त प्रीमियम से प्रभारों के लिए विनियोजित किया जाता है. शेष प्रीमियम का वह भाग होता है जिसका उपयोग पॉलिसी के लिए यूनिट खरीदने (निवेश) के लिए किया जाता है. आबंटन प्रभार इस प्रकार है:

प्रीमियम आवंटन प्रभार
प्रथम वर्ष 7.50%
2 रे वर्ष से 5 वें वर्ष तक 5.00%
उसके पश्चात 3.00%


B) मर्त्यता प्रभार: यह जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने की लागत है, जिसमें बीमा राशि का भुगतान और इस योजना के अंतर्गत देय भविष्य के सभी प्रीमियम शामिल हैं. यह शुल्क, जोखिम की राशि पर अर्थात बीमा राशि और मर्त्यता प्रभार की कटौती के दिनाँक पर पॉलिसी के अंतर्गत देय भविष्य के सभी प्रीमियम के कुल योग पर निर्भर करेगा . मर्त्यता प्रभार, जो कि आयु-विशिष्ट है, हर महीने पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से उचित संख्या में यनिटों को रद्द करके लिया जाएगा. प्रभार बीमित व्यक्ति के जीवित रहने तक काटा जाएगा. मर्त्यता प्रभार की दर प्रतिवर्ष प्रति रुपए. 1000/- जोखिम की राशि कुछ आयु के लिए स्वस्थ व्यक्ति के संबंध में नीचे लिखे अुनसार है:

आयु 25 35 45 50
रु. 1.36 1.66 3.73 6.29


C) अन्य प्रभार : पॉलिसी अवधि के दौरान निम्नलिखित प्रभार काटे जाएँगे:

  • » पॉलिसी प्रशासन प्रभार - यह प्रभार मासिक आधार पर काटा जाएगा पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से उचित संख्या में यनिटों को      रद्द करके लिया जाएगा.प्रति माह पॉलिसी प्रशासन प्रभार इस प्रकार होगा::
  • »पॉलिसी वर्ष                            पॉलिसी प्रशासन प्रभार (प्रति माह)
    प्रथम वर्ष                                Rs. 50
    द्वितीय वर्ष                              Rs. 41.20
    तृतीय वर्ष                                Rs. 42.44
    चौथे वर्ष                                Rs. 43.71
    पाँचवें वर्ष                               Rs. 45.02
    छठवें वर्ष और उसके बाद            Rs. 34.78 in 6th year escalating at 3% p.a. thereafter
  • निधि प्रबंधन प्रभार – यह परिसंपत्तियों के मूल्य के प्रतिशत के रूप में निम्नलिखित दरों से लगाया जाने वाला प्रभार है:
    “ऋण” फंड के लिए यूनिट फंड का 0.50% प्रतिवर्ष
    “मिश्रितत” फंड के लिए यूनिट फंड का 0.60% प्रतिवर्ष
    फंड प्रबंधन प्रभार NAV की गणना के दौरान समायोजित किया जाएगा.
    पॉलिसी फंड के अवरुद्ध होने पर कोई फंड प्रबंधन प्रभार नहीं काटा जाएगा.
 
  • » स्विचंग प्रभार – यह प्रभार धनराशि को एक फंड से दूसरे फंड में अंतरित करने पर लगाया जाता है. किसी एक पॉलिसी वर्ष के भीतर 4 स्विच निशुल्क करने की अनुमति होगी. उसी वर्ष में उसके बाद के स्विचों पर 100 रु. प्रति स्विच का प्रभार लगाया जाएगा. यह प्रभार पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से उचित संख्या में यनिटों को रद्द करके वसूला जाएगा.
  • » बिड/ऑफर में अंतर – शून्य
  • » अवरोधन प्रभार – नियमित प्रीमियम वाली पॉलिसियों में अवरोधन प्रभार इस प्रकार है:
जब पॉलिसी इसके पॉलिसी वर्ष के दौरान अवरुद्ध हो जाती है. उन पॉलिसियों के लिए अवरोधन प्रभार, जिनमें वार्षिकीकृत प्रीमियम रू 25000-/ तक हो 25,000/- उन पॉलिसियों के लिए अवरोधन प्रभार, जिनमें वार्षिकीकृत प्रीमियम रू 25000-/ से अधिक हो
1 15% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 750/- तक 2500/- 6% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 2000/- तक 6000/-
2 7.5% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु1750/- तक 1750/- 4% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 4000/- तक 4000/-
3 5% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 1250/- तक 1250/- 3% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 3000/- तक 3000/-
4 3% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 750/- तक 750/- 2% से कम*(AP या FV) अधिकतम रु 2000/- तक 2000/-
और इसके बाद 5 शून्य शून्य

AP – वार्षिकीकृत प्रीमियम
FV – अवरोधन की तिथि पर पॉलिसीधारक का फंड मूल्य

  • » सेवा कर प्रभार –सेवा कर प्रभार, यदि कोई हो, तो वह समय-समय पर लागू सेवा कर की दरों और सेवा कर विनियमों के अनुसार होगा.
  • » विविध प्रभार – यह प्रभार संविदा के भीतर किसी परिवर्तन पर लगाया जाता है, जैसे कि प्रीमियम के भुगतान की विधि को उच्च आवृत्ति वाली विधि में बदलना, और यह 50 रुपए की समान राशि का होगा. जो पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से उचित संख्या में यनिटों को रद्द करके लिया जाएगा और यह कटौती पॉलिसी के परिवर्तन की तिथि से होगी.

D) प्रभारों में संशोधन का अधिकार: निगम ने प्रीमियम आवंटन प्रभार और मर्त्यता प्रभार को छोड़कर उपर्युक्त सभी या किसी भी प्रभार को संशोधित करने का अधिकार सुरक्षित रखा है. प्रभारों में संशोधन IRDA की पूर्व अनुमति से भावी प्रभार से होगा हालांकि प्रभारों की समीक्षा की जाती है, तथापि वे निम्नलिखित अधिकतम सीमा तक होंगेः:
      प्रति माह अधिकतम पॉलिसी प्रशासन प्रभार इस प्रकार होगा:
वर्ष                       पॉलिसी प्रशासन प्रभार (प्रति माह)
प्रथम वर्ष                                Rs. 100
द्वितीय वर्ष                              Rs. 82
तृतीय वर्ष                               Rs. 85
चौथे वर्ष                               Rs. 87
पाँचवें वर्ष                               Rs. 90
छठवें वर्ष और उसके बाद          Rs. 70 छठवें वर्ष में उसके बाद 3%प्रतिमाह की दर से बढ़ते हुए 
 

  1. पॉलिसी प्रबंधन प्रभार
  2. फंड प्रबंधन प्रभार: प्रत्येक फंड के लिए अधिकतम इस प्रकार होगा:
    • » ऋण फंड यूनिट फंड का 1.00% प्रतिवर्ष
    • » मिश्रित फंड यूनिट फंड का 1.10% प्रतिवर्ष
  3. अवरुद्ध फंड पॉलिसी पर अधिकतम फंड प्रबंधन प्रभार अवरुद्ध फंड पॉलिसी का 0.5%प्रतिवर्ष होगा
  4.   
  5. स्विचिंग प्रभार रु. 200/- प्रति स्विच से अधिक नहीं होगा.
  6. विविध प्रभार परिवर्तन के हर अनुरोध के लिए रु. 100 से अधिक नहीं होगा.
 
  1.  यदि पॉलिसीधारक प्रभारों के संशोधन से सहमत नहीं हो, तो इस स्थिति में पॉलिसीधारक के पास पॉलिसीधारक की फंड वेल्यू को निकालने का विकल्प होगा.

6. अभ्यर्पण: 
अभ्यर्पण मूल्य, यदि कोई हो, तो वह नीचे लिखे अनुसार देय होगा:

यदि पॉलिसी का अभ्यर्पण पॉलिसी प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष के भीतर किया जाता है:
यदि आप पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष के भीतर सर्मपण के लिए आवेदन करते हैं, तो नीचे दिए गए पैराग्राफ़ 8 के अनुसार पॉलिसीधारक की फंड वैल्यू को अवरेाधन प्रभार घटाने के पश्चात, यदि कोई है तो, मौद्रिक मूल्य में परिवर्तित कर दिया जाएगा. यह मौद्रिक मूल्य अवरुद्ध पॉलिसी फ़ंड में क्रेडिट हो जाएगा और उसके उपरांत कोई भी शुल्क नहीं घटाया जाएगा. नीचे दिए गए पैरा 8 के अनुसार, अवरुद्ध पॉलिसी की राशि, पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष पूरे होने पर देय होगी.
समर्पण की तिथि के बाद बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में, लेकिन पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष पूर्ण होने के पहले, अवरुद्ध पॉलिसी की राशि तत्काल नामिती/वैधानिक उत्तराधिकारी के लिए देय होगी.

यदि पॉलिसी का समर्पण पॉलिसी प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष बाद किया जाता है: यदि आप पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष बाद समर्पण के लिए आवेदन करते हैं तो समर्पण की तिथि को पॉलिसीधारक की फंड वैल्यू देय होगी. अवरोधन प्रभार नहीं होगा.
7. प्रीमियम अवरुद्ध होना:
यदि आप पॉलिसी के प्रीमियमों का भुगतान रियायती दिनों में करने में असमर्थ रहते हैं, तो आपको रियायती दिनों की अवधि की समाप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर एक सूचना भेजी जाएगी, जिससे कि आप ऐसी सूचना प्राप्ति के तीस दिनों के भीतर निम्नलिखित विकल्पों में से किसी एक का प्रयोग कर सकें:

  1. पॉलिसी का पुनर्चलन, या
  2. पॉलिसी से पूर्ण प्रत्याहरण

सूचना को प्राप्त करने के 30 दिन बाद तक, पॉलिसी को चालू बनी रहेगी और अन्य शुल्क के अलावा मर्त्यता प्रभार, पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से उचित संख्या में यूनिटों को रद्द करके लिया जाएगा. जोखिम सुरक्षा पॉलिसी के अवरुद्ध होने तक (अर्थात उस तिथि तक जिस पर पॉलिसीधारक से पॉलिसी के पूर्ण प्रत्याहरण के लिए सूचना प्राप्त हुई हो या सूचना अवधि की समाप्ति की तिथि तक) जारी रहेगी.
यदि आप 30 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर किसी भी विकल्प का उपयोग नहीं करते हैं, तो आपके द्वारा पॉलिसी के पूर्ण प्रत्याहरण का विकल्प चुना गया माना जाएगा.

सूचना अवधि के दौरान पॉलिसी के अंतर्गत देय लाभ वही होंगे, जो कि चालू पॉलिसी के अंतर्गत होंगे, केवल आंशिक प्रत्याहरण को छोड़कर, जिसकी अनुमति नहीं होगी, यदि देय प्रीमियमों का भुगतान नहीं किया गया हो. 
आपके द्वारा पूर्ण प्रत्याहरण के विकल्प का प्रयोग किए जाने पर या सूचना अवधि के दौरान आपके द्वारा किसी भी विकल्प का उपयोग न किए जाने पर आपको मिलने वाली राशि इस प्रकार होगी:


यदि पॉलिसी इसके शुरू होने की तिथि से 5 वर्ष के भीतर अवरुद्ध कर दी जाती है: 
यदि आप पॉलिसी के पूर्ण प्रत्याहरण के विकल्प का प्रयोग करते हैं, या यदि आप सूचना प्राप्ति की तिथि से 30 दिनों के भीतर विकल्प का प्रयोग नहीं करते हैं, तो पॉलिसी अनिवार्यतः समाप्त कर दी जाएगी. पॉलिसी के अवरुद्ध होने की तिथि पर, अवरोधन प्रभार काटने के पश्चात पॉलिसीधारक की फंड वैल्यू, मौद्रिक मूल्य में परिवर्तित की जाएगी, जैसा कि नीचे निर्दिष्ट किया गया है और उसे अवरुद्ध पॉलिसी फंड में स्थांनातरित कर दिया जाएगा.
हालाँकि, आपके पास ऐसी पॉलिसी के अवरोधन की तिथि से दो वर्ष के भीतर उसके पुनर्चलन का अधिकार होगा लेकिन पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष बाद नहीं होगा. पॉलिसी के पुनर्चलन पर, सभी लाभ, पॉलिसी के नियम और शर्तों के अुनसार, पुनर्चलन की तिथि से जारी रहेंगे.
पॉलिसी के पुनर्चलन न होने पर, अवरुद्ध पॉलिसी की राशि जैसा कि नीचे निर्दिष्ट किया गया है, पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि से पाँच वर्ष पूरे होने के पश्चात देय होगी. 
बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में, लेकिन पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष पूर्ण होने के पहले, अवरुद्ध पॉलिसी की राशि तत्काल नामिती/वैधानिक उत्तराधिकारी के लिए देय योग्य होगी.
यदि पॉलिसी इसके शुरू होने की तिथि से 5 वर्ष के पश्चात अवरुद्ध कर दी जाती है: 
यदि आप पॉलिसी के पूर्ण प्रत्याहरण के विकल्प का प्रयोग करते हैं, या यदि आप सूचना प्राप्ति की तिथि से 30 दिनों के भीतर विकल्प का प्रयोग नहीं करते हैं, तो पॉलिसी अनिवार्यतः समाप्त कर दी जाएगी और पॉलिसीधारक के फंड मूल्य का भुगतान किया जाएगा.

अवरुद्ध पॉलिसी के मौद्रिक मूल्य और राशि की गणना की विधि:

मौद्रिक मूल्य में परिवर्तन इस प्रकार किया जाएगा:
अभ्यर्पण के लिए दिए गए आवेदन की तिथि की या पॉलिसी के अवरुद्ध होने (पॉलिसी के पूर्ण प्रत्याहरण की स्थिति में) की तिथि की NAV, जो भी लागू हो, का उस तिथि पर पॉलिसीधारक के फंड मूल्य में यूनिट्स(अवरोधन प्रभार की कटौती के पश्चात) की संख्या से गुणा करने पर मौद्रिक मूल्य प्राप्त होगा.

अवरुद्ध पॉलिसी की धनराशि की गणना इस प्रकार की जाएगी:
उपरोक्तानुसार परिगणित किए गए मौद्रिक मूल्य को अवरुद्ध पॉलिसी फंड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. इस फंड पर पॉलिसी के अवरुद्ध होने की तिथि से लेकर पॉलिसी के प्रारंभ दिनांक से 5 वर्ष पूरे करने की तिथि तक या इसके पुनर्चलन की तिथि तक न्यूनतम गारंटी दर से ब्याज प्राप्त होगा, जो कि भारतीय स्टेट बैंक के बचत खाता के अनुसार लागू होगा, यदि लागू हो. बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में, पॉलिसी के अवरुद्ध होने की तिथि से देयता उत्पन्न होने की तिथि तक का ब्याज जमा किया जाएगा. अवरुद्ध पॉलिसी की धनराशि मौद्रिक मूल्य और अवरुद्ध पॉलिसी फंड पर जमा हुए ब्याज का योग होगी.

8. अन्य विशेषताएँ
i) अवरुद्ध पॉलिसी फंड पर ब्याज दर की गारंटी:भारतीय स्टेट बैंक के बचत बैंक खाते पर लागू गारंटीकृत न्यूनतम ब्याज दर पर ब्याज, सभी अवरुद्ध पॉलिसी के फ़ंड मूल्य को मिलाकर बनने वाले अवरुद्ध पॉलिसी फंड में जमा किया जाएगा.
ii) आंशिक प्रत्याहरण:आप पॉलिसी की पॉचवी वर्षगाँठ के बाद, और इस शर्त पर कि, सभी देय प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो, यूनिटों को आंशिक रूप से भुना सकते हैं, बशर्ते:

  • » आंशिक प्रत्याहरण, नियत राशि के रूप में या यूनिटों की नियत संख्या के रूप में हो सकता है.
  • » पॉलिसीधारक के फंड मूल्य में कम से कम दो वार्षिकीकृत प्रीमियमों के शेष होने की शर्त पर आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति होगी.

बीमित व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात नामिती/वैधानिक उत्तराधिकारी को आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति नहीं होगी.iii) स्विचिंग :आप पॉलिसी की अवधि के दौरान स्विचिंग प्रभार देकर पूरे फंड मूल्य के लिए, दो प्रकार के फंड के बीच स्विच कर सकते हैं. 
यदि देय प्रीमियम का भुगतान नहीं किया गया है तो स्विचिंग की अनुमति नहीं होगी.
iv) बीमा सुरक्षा में वृद्धि/कमी: प्लान के अंतर्गत लाभों में किसी तरह की वृद्धि/कमी की अनुमति नहीं होगी.
v) पुनर्चलन यदि देय प्रीमियम का भुगतान रियायती दिनों मे नहीं किया जाता है, तो आपको रियायती दिनों की अवधि की समाप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर एक सूचना भेजी जाएगी, जिससे कि आप ऐसी सूचना प्राप्ति के तीस दिनों के भीतर पुनर्चलन के विकल्प का प्रयोग कर सकें. हालांकि, पॉलिसी के प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष के भीतर इसके अवरुद्ध होने की स्थिति में, यदि आप पूर्ण निकासी वाले विकल्प का प्रयोग करते है या किसी अन्य विकल्प का प्रयोग नहीं करते हैं, तो आपको ऐसी पॉलिसी के पुनर्चलन का अधिकार इसके अवरुद्ध होने के दो वर्ष के भीतर है, इसके प्रारंभ होने की तिथि के पाँच वर्ष के बाद नहीं.
यदि आप ऐसी पॉलिसी के पुनर्चलन लिए किसी एक विकल्प का प्रयोग करते हैं, तो:

  • »पुनर्चलन निगम की संतुष्टि के अनुरूप सतत बीमित बने रहने की योग्यता का प्रमाण और ब्याज के बिना सभी बकाया प्रीमियम प्रस्तुत करने पर किया जाएगा.
  • »अवरोधन प्रभार को फंड, यदि कोई है तो उसमें से काटा जाएगा, बाद में अवरुद्ध पॉलिसी की धनराशि के साथ फंड में जोड़ा जाएगा.
  • »सभी बकाया लागू पॉलिसी प्रशासन प्रभार को, प्रीमियम आवंटन प्रभार को और अवरोधन की तिथि से देय सेवा कर प्रभारों को पॉलिसी फंड से काटा जाएगा.
  • »पॉलिसीधारक द्वारा चुनी गईं पृथक्कृत फंड की यूनिट्स, पुनर्चलन की तिथि की NAV के अनुसार आवंटित की जाएँगी.

निगम ने स्वयं अपनी शर्तों पर किसी पॉलिसी के पुनर्चलन को स्वीकार करने या पुनर्चलन से इनकार करने का अधिकार सुरक्षित रखा है. किसी कालातीत पॉलिसी का पुनर्चलन केवल इसके निगम द्वारा स्वीकृत किए जाने के पश्चात ही प्रभावी होगा और इसकी लिखित सूचना आपको को विशेष रूप से दी जाती है.
ऊपर कुछ भी लिखा होने के बावजूद, यदि पॉलिसीधारक का फंड मूल्य, सूचना अवधि के दौरान प्रभारों की वसूली के लिए पर्याप्त न हो, तो पॉलिसी समाप्त हो जाएगी और उसके बाद पुनर्चलन की अनुमति नहीं दी जाएगी.

9. पुनः स्थापन 
एक बार अभ्यर्पित पॉलिसी को पुनः स्थापित नहीं किया जा सकेगा.

10. पॉलिसीधारक द्वारा वहन किए वाले जोख़िम:
i) LIC का फ़्लेक्सी प्लस एक यूनिट संबद्ध जीवन बीमा उत्पाद है, जो कि परंपरागत बीमा उत्पाद से भिन्न है
ii) यूनिट संबद्ध जीवन बीमा पॉलिसियों में अदा किए जाने वाले प्रीमियम पूँजीगत बाज़ार से जुड़े हुए निवेश जोख़िमों के अधीन हैं और यूनिट की NAV, निधियों औऱ पूंजी बाज़ार को प्रभावित करने वाले कारकों के निष्पादन के आधार पर ऊपर या-नीचे हो सकती हैं और बीमित व्यक्ति अपने निर्णय के लिए स्वयं जिम्मेदार है.
iii) भारतीय जीवन बीमा निगम केवल बीमा कंपनी का नाम है और LIC का फ़्लेक्सी प्लस केवल यूनिट संबंधित जीवन बीमा संविदा का नाम है और यह किसी भी प्रकार से संविदा की गुणता, भविष्य की संभावनाओं या प्रतिफल का द्योतक नहीं है.
iv) कृपया संबद्ध जोखिमों और लागू प्रभारों की जानकारी, अपने बीमा एजेंट या मध्यस्थ या बीमाकर्ता के बीमा दस्तावेजों से प्राप्त करें..
v) इस संविदा के अंतर्गत प्रस्तुत विभिन्न फंड्स केवल फंड्स का नाम हैं और किसी भी प्रकार से इन योजनाओं की गुणवत्ता, भविष्य की संभावनाओं और प्रतिफलों की द्योतक नहीं हैं.
vi) इस पॉलिसी के अधीन मिलने वाले सभी हितलाभ समय-समय पर विद्यमान कर क़ानूनों और अन्य विधायी अधिनियमितताओं के अधीन भी होंगे.

11. कूलिंग ऑफ़ अवधि:
यदि आप पॉलिसी की “शर्तों और नियमों” से संतुष्ट न हों तो आप 15 दिन के अंदर पॉलिसी हमें वापस कर सकते हैं. कूलिंग ऑफ़ अवधि दौरान पॉलिसी को लौटाए जाने की स्थिति में लौटाई जाने वाली राशि की गणना इस प्रकार की जाएगी:
पॉलिसी धारक के फंड में यूनिट्स का मूल्य 
धन       आवंटित न किया गया प्रीमियम
धन       काटा गया पॉलिसी प्रबंधन प्रभार
धन       काटा गया सेवा कर
ऋण       प्रभार@Rs.0.20प्रति हजार बीमित रकम (जहां सम एश्योर्ड 105% * अवधि * वार्षिक प्रीमियम)

12. ऋण:
इस प्लान के अंतर्गत किसी भी प्रकार के ऋण की अनुमति नहीं होगी.

13. समनुदेशन:
इस योजना के अंतर्गत समनुदेशन की अनुमति नही होगी.

14. अपवर्जन:
बीमित व्यक्ति के एक वर्ष के भीतर आत्महत्या कर लेने की स्थिति में, यह पॉलिसी अमान्य मानी जाएगी और निगम में, पॉलिसीधारक के फंड मूल्य को छोड़कर उसकी मृत्यु के संबंध में कोई भी दावा मान्य नहीं होगा.

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