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Health Protection Plus

विशेषताएँ

इस पॉलिसी के, निवेश पोर्टफ़ोलियो में निवेश जोख़िम पॉलिसीधारक द्वारा वहन किए जाते हैं
आजकल प्रत्येक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग है. किसी बीमारी पर अस्पताल में भर्ती होने अथवा शल्यक्रिया (सर्जरी) की संभावित स्थिति में आसमान को छूती चिकित्सा व्यय की राशि किसी भी परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकती है जब तक कि ऐसी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए उन्होंने पहले से ही विशेष धनराशि की व्यवस्था करके न रखी हो. अधिकांश परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा के संबंध में कुछ विशेष प्रावधान नहीं करते हैं और यदि करते भी हैं, तो वह पूरी तरह पर्याप्त नहीं होता.

इस परिदृश्य को देखते हुए, LIC ने हेल्थ प्रोटेक्शन प्लस योजना आरंभ की है,जो अनूठी दीर्घावधि स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो पूरे परिवार (पति, पत्नी, और बच्चे) के लिए अस्पताल नकद हितलाभ (HCB) तथा बृहत् शल्यक्रिया हितलाभ (MSB) तथा यूलिप घटक (यूनिटों के रूप में निवेश) को संयुक्त कर इस प्रकार बनाई गई है, कि वह बीमित सदस्यों के आवासीय चिकित्सा संबंधी (DTB) / बाह्य रोगी विभाग (OPD) खर्चों को पूरा कर सके.

I. महत्वपूर्ण जानकारी


1. आयु
प्रमुख बीमित व्यक्ति बीमित पति/पत्नी बीमित बच्चा
न्यूनतम पॉलिसी प्रवेश आयु 
– पिछले जन्मदिन पर आयु
18 18 3  माह
न्यूनतम आयु – HCB सुरक्षा –
पिछले जन्मदिन पर आयु
18 18 3  माह
न्यूनतम आयु – MSB सुरक्षा –
पिछले जन्मदिन पर आयु
18 18 18
अधिकतम प्रवेश आयु 
निकटतम जन्मदिन पर आयु
55 55 17

2.  प्रीमियम भुगतान. 
भुगतान की विधि: वार्षिक, अर्ध-वार्षिक और मासिक (केवल ECS विधि)


न्यूनतम वार्षिक प्रीमियम शर्तें
बीमित जीवनों की संख्या प्रत्येक वर्ग में नीचे दिए गए दो विकल्पों में से अधिकतम वाला विकल्प:
एकल जीवन प्रमुख बीमित व्यक्ति के HCB का 6 गुना अथवा प्रतिवर्ष 5000 रु. 
दो जीवन PI के HCB का 6 गुना और द्वितीय बीमित व्यक्ति के HCB के 3 गुना का बीजगणितीय योग. अथवा प्रतिवर्ष 7500 रु.
दो जीवनों से अधिक PI के HCB का 6 गुना और अन्य प्रत्येक बीमित व्यक्ति के HCB के 3 गुना का बीजगणितीय योग अथवा प्रतिवर्ष 10000 रु.
वार्षिक प्रीमियम 500 के गुणकों में देय है.

3.बीमा राशि. प्रमुख बीमित व्यक्तियों को सबसे पहले पॉलिसी के अंतर्गत सुरक्षित प्रत्येक सदस्य के लिए HCB के संगत स्तरों का चुनाव करना चाहिए. बृहत शल्यक्रिया हितलाभ के लिए बीमा राशि आपके द्वारा चुने गए HCB का 200 गुना होगी.


बृहत् शल्यक्रिया बीमा राशि
प्रमुख बीमित व्यक्ति बीमित पति/पत्नी बीमित बच्चा
पॉलिसी के अंतर्गत बीमित प्रत्येक जीवन पर लागू HCB का 200 गुना.
4. पॉलिसी की अन्य शर्तें. . 

निकटतम जन्मदिन पर आयु
प्रमुख बीमित व्यक्ति बीमित पति/पत्नी बीमित बच्चा
अधिकतम HCB और MSB सुरक्षा समाप्त होने की आयु 75 75 25
प्रीमियम समाप्त होने की आयु 65 वर्ष प्रमुख बीमित व्यक्ति की निकटतम जन्मतिथि पर आयु
DTB समाप्ति की आयु कोई आयु सीमा नहीं कोई आयु सीमा नहीं 25

5.नए सदस्यों का संयोजन. प्रमुख बीमित व्यक्ति (पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति) के लिए यह निर्णय लेना महत्वपूर्ण है कि परिवार के वर्तमान सदस्यों में से किसे सुरक्षा प्रदान करना है और प्रारंभ (प्रस्ताव की अवस्था) में ही उन्हें इसमें सम्मिलित कर लें. इसके बाद की स्थिति में परिवार के वर्तमान योग्य सदस्यों को इसमें शामिल नहीं किया जा सकता है. हालांकि निम्नलिखित तीन स्थितियों में नए सदस्यों को संयोजित किया जा सकता है.


स्थिति
कब संयोजित किया जाए? सुरक्षा इस समय आरंभ होगी
पॉलिसी लेने के बाद प्रमुख बीमित व्यक्ति का विवाह/पुनर्विवाह विवाह की तिथि से एक वर्ष के भीतर अगली पॉलिसी वर्षगाँठ
पॉलिसी लेने के 3 माह के बाद जन्मा अथवा कानूनी रूप से गोद लिया गया बच्चा बच्चे की 3 माह की आयु होने के तुरंत बाद आने वाली पॉलिसी वर्षगाँठ से स्वास्थ्य सुरक्षा आरंभ होती है
कानूनी रूप से गोद लिया बच्चा 3 माह से अधिक आयु का होने की स्थिति में गोद लिए जाने की तिथि के बाद आने वाली पॉलिसी वर्षगाँठ से
  • नया सदस्य सुरक्षा के पात्र केवल तभी होंगे, यदि वे न्यूनतम प्रीमियम और हितलाभों की शर्तों को पूरा करते हों.
  • नए सदस्यों को केवल प्रमुख बीमित व्यक्ति द्वारा ही संयोजित किया जाना चाहिए. प्रमुख बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद किसी भी नए सदस्य को संयोजित नहीं किया जाएगा.

6.प्रीमियम का बढऩा/घटना पॉलिसी अवधि में प्रीमियम को बढ़ाने या घटाने की अनुमति दी जाती है. प्रीमियम में वृद्धि 500 रु.के गुणक में होगी. घटत की स्थिति में, न्यूनतम प्रीमियम शर्तों की पूर्ति होना चाहिए. हालांकि, प्रीमियम को बढ़ाने/घटाने से स्वास्थ्य सुरक्षा के स्तर तथा HCB और MSB प्रभावित नहीं होते हैं.

II. शर्तें एवं प्रतिबंध
1. प्रीमियम बंद कर देना तथा पुनर्चालन. यदि प्रीमियम का भुगतान रियायती दिनों के भीतर न किया जाए तो पॉलिसी कालातीत हो जाएगी. प्रमुख बीमित व्यक्ति चाहे तो पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर प्रीमियम के बकाया की अदायगी करके या प्रीमियम अवकाश का लाभ उठा कर किसी भी पॉलिसी को पुनर्चालित कर सकता है. व्यवधान की अवधि के दौरान, HCB और MSB जोखिम सुरक्षा के लिए प्रभार पॉलिसी निधि से काटे जाते रहेंगे (यहाँ तक कि दो वर्ष के बाद भी) जब तक:

  • पॉलिसी निधि में पर्याप्त शेष है, या
  • बीमित जीवन हितलाभ में प्राप्त होने की आयु तक पहुँच गए हों, या
  • अधिकतम आजीवन लाभ समाप्त हो गए हों, या
  • पॉलिसी मृत्यु या किसी अन्य कारण से, यदि कोई हो, बंद गई हो.

जो भी पहले हो.  
यदि पॉलिसी पुनर्चालन अवधि के दौरान पुनर्चालित नहीं की जाती है और पॉलिसी निधि में प्रभारों की वसूली के लिए पर्याप्त शेष नहीं हो उदा. यदि पॉलिसी निधि समाप्त हो गई हो तो प्रमुख बीमित व्यक्ति को नोटिस देकर पॉलिसी अनिवार्यतः समाप्त की जाएगी.
पॉलिसी निधि से तब तक सभी प्रभार काटे जाएंगे जब तक निधि समाप्त नहीं हो जाती.
2. प्रीमियम अवकाश. यदि कम से कम 3 वर्ष के प्रीमियम के भुगतान के उपरांत पॉलिसी कालातीत हो गई है तो प्रमुख बीमित व्यक्ति के पास विकल्प है कि वह या तो सभी देय प्रीमियमों का भुगतान कर दे अथवा बिना ब्याज के केवल अंतिम देय प्रीमियम की किस्त का भुगतान कर के प्रीमियम अवकाश प्राप्त कर ले. प्रीमियम अवकाश केवल तभी लिया जा सकता है जब पुर्नचालन के समय पॉलिसी निधि में कम से कम एक वार्षिक प्रीमियम की राशि शेष हो.
3. अभ्यर्पण. अभ्यर्पण की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी. 
4. पॉलिसी ऋण. इस पॉलिसी के अंतर्गत कोई पॉलिसी ऋण उपलब्ध नहीं होगा.
5. समनुदेशन. इस पॉलिसी के अंतर्गत किसी भी समनुदेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
6. कर हितलाभ: इस उत्पाद के अंतर्गत कर हितलाभ आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80(D) की शर्तों के अधीन रहते हुए मिलेगा. 
7. पॉलिसीधारक द्वारा वहन किए वाले जोख़िम:

  • LIC का हेल्थ प्रोटेक्शन प्लस यूनिट संबद्ध स्वास्थ्य बीमा उत्पाद है, जो पारंपरिक बीमा उत्पादों से भिन्न है और जो जोखिम कारकों के अधीन है.
  • यूनिट संबद्ध जीवन बीमा पॉलिसियों में अदा किए जाने वाले प्रीमियम पूँजीगत बाज़ार से जुड़े हुए निवेश जोख़िमों के अधीन हैं और यूनिट की NAV निधियों औऱ कारकों के निष्पादन के आधार पर ऊपर-नीचे होते रहते हैं और बीमित व्यक्ति अपने निर्णय के लिए स्वयं जिम्मेदार होता है.
  • भारतीय जीवन बीमा निगम कंपनी का केवल एक नाम है और LIC का हेल्थ प्रोटेक्शन प्लस यूनिट से संबद्ध स्वास्थ्य बीमा संविदा का केवल एक नाम है और इसमें संविदा की गुणवत्ता का किसी रुप में उल्लेख नहीं किया जाता है, इसकी भावी संभावनाएं या वापसियां हैं.
  • कृपया अपने बीमा एजेंट या बिचोलिये या बीमाकर्त्ता के बीमा दस्तावेजों से संबद्ध जोखिमों और लागू प्रभारों की जानकारी प्राप्त करें.
  • इस संविदा के अधीन प्रस्तावित निधि इस निधि का नाम है और इन योजनाओं, उनकी भावी संभावनाओं और वापसियों की गुणवत्ता का किसी रुप में उल्लेख नहीं किया गया है.
  • इस पॉलिसी के अधीन मिलने वाले सभी हितलाभ समय-समय पर विद्यमान कर क़ानूनों और अन्य विधायी अधिनियमितियों के अधीन भी होंगे.

8. कूलिंग ऑफ़ अवधि:यदि आप पॉलिसी की “शर्तों और नियमों” से संतुष्ट न हों तो आप 15 दिन के अंदर पॉलिसी हमें वापस कर सकते हैं. 
  
III. वर्जन
1. HCB और MSB हितलाभों के संबंध में सामान्य वर्जन:
इस पॉलिसी के अंतर्गत कोई हितलाभ उपलब्ध नहीं होगा और न ही निगम द्वारा अस्पताल नकद हितलाभ और बृहद शल्य क्रिया हितलाभ हेतु किसी दावे का भुगतान किया जाएगा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित में से किसी के कारण उस पर आधारित, उससे उत्पन्न अथवा या किसी भी प्रकार उस पर आरोप्य होने से अस्पताल में भर्ती होने के कारण किया गया हो:

  • “पहले से विद्यमान दशा”- स्वास्थ्य की कोई दशा या उससे संबंधित कोई दशा (यथा बीमारी, लक्षण, उपचार, दर्द तथा शल्य क्रिया) जो इस बीमे के आरंभ होने के पहले किसी समय पैदा हुई हो,चाहे कोई चिकित्सा, उपचार अथवा परामर्श लिया गया हो या नहीं. ऐसी किसी दशा में संबंधित दशा को पहले से विद्यमान माना जाएगा, जिसके बारे में प्रमुख बीमित व्यक्ति अथवा बीमित आश्रित जानते हैं, जानते थे या यह मानना न्यायोचित होगा कि वह जानते थे. निम्नलिखित, दशाओं को “पहले से विद्यमान” माना जाएगा:
    • आवेदन पर हस्ताक्षर करने तथा निगम द्वारा स्वीकृति की पुष्टि के बीच पैदा होने वाली दशाएं
    • कोई बीमारी,रोग, जटिलता या कष्ट, जो पहले से विद्यमान बीमारी से पैदा हुआ हो या उससे संबंधित हो
  • कोई बीमारी, जिसे केंद्रीय या राज्य सरकार द्वारा महामारी घोषित किया गया हो.
  • स्वयं लगाई गई चोटें या दशाएं (आत्महत्या का प्रयास), और/अथवा किसी मादक दवाओं अथवा मदिरा का प्रयोग या दुरुपयोग.
  • कोई यौन संचारित रोग या ऐसी दशाएं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ह्यूमन इम्यूनो डिफिशियंसी (HIV) वायरस द्वारा पैदा की गई हों या इसी प्रकार का कोई सलक्षण अथवा दशा या उसके साथ संबंधित हो, जिसे सामान्यतः एड्स कहते हैं. .
  • युद्ध, आक्रमण, विदेशी शत्रु की कार्रवाई, शत्रुता (चाहे युद्ध घोषित किया गया हो या नहीं), गृह युद्ध, विद्रोह, क्रांति, सैनिक बगावत या सत्ता हड़पना या असैनिक उपद्रव या लूट या उसके संबंध में लूटमार.
  • सशस्त्र बलों की नौ सैनिक या सैनिक कार्रवाइयां (शांति के समय कर्तव्यों सहित) या वायु सेना और ऐसी कार्रवाइयों में भाग लेना जिनमें शस्त्रों का प्रयोग अपेक्षित हो या जिनका आदेश सैनिक अधिकारियों ने आतंकवादियों, विद्रोहियों आदि का दमन करने के लिए किया हो.
  • कोई भी प्राकृतिक संकट (जैसे कि हिमस्खलन, भूकंप, विस्फोट या किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा शामिल है लेकिन यह इन तक ही सीमित नहीं है).
  • इन खतरनाक गतिविधि या खेलों में जिसमें दौड़, स्कूबा गोताखोरी, हवाई खेल, बंजी कूद अथवा पर्वतारोहण या कोई अपराधिक या गैरकानूनी गतिविधियाँ लेकिन इन तक सीमित नहीं में भाग लेना.
  • रेडियोएक्टिव संदूषण
  • शल्यक्रिया और उपचार की गैर-एलोपैथिक विधियां.

 
2. अस्पताल नकद हितलाभ के संबंध में अतिरिक्त वर्जन:
इस पॉलिसी के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर कोई हितलाभ उपलब्ध नहीं है और अस्पताल नकद के लिए निगम द्वारा किसी दावे का भुगतान नहीं किया जाएगा, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित में से किसी के कारण किया गया हो, उस पर आधारित हो, उससे पैदा हुआ हो, या किसी भी प्रकार से उस पर आरोप्य हो:

  • जोखिम आरंभ होने की तिथि से 180 दिन के भीतर अथवा जोखिम सुरक्षा समाप्ति के उपरांत पॉलिसी के पुनःप्रवर्तन/पुनःस्थापन की तिथि से 90 दिन के भीतर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर
  • जोखिम सुरक्षा तिथि आरंभ होने से पहले की गई पिछली शल्यक्रिया के दौरान आरोपित किसी सामग्री को निकालनागर्भ (चाहे गर्भाशयी या गर्भाशयेतर), प्रसव से संबंधित कोई निदान या उपचार, जिसमें सिज़ेरियन ऑपरेशन, गर्भ की समाप्ति और /अथवा माता अथवा नवजात की प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल से संबंधित कोई भी उपचार शामिल है.
  • केवल फ़िजियोथेरेपी या किसी ऐसी बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती होना, जिसके लिए चिकित्सा प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक नहीं है
  • कोई चिकित्सा जो चिकित्सक द्वारा न की गई हो अथवा मात्र प्रयोगात्मक स्वरूप की कोई चिकित्सा.
  • कोई सामान्य अथवा निर्धारित स्वास्थ्य जांच या परीक्षण.
  • निदान, एक्स-रे या प्रयोगशाला परीक्षणों के लिए अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित कोई व्यय
  • सुन्नत, किसी प्रकार का सौंदर्य या प्रसाधन उपचार, लिंग परिवर्तन के लिए सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी (जब तक वह प्लास्टिक सर्जरी किसी बीमारी या बीमित घटना के प्रत्यक्ष परिणामस्वरूप सांयोगिक शारिरीक चोट के उपचार के लिए अनिवार्य न हो और उसके छह माह के भीतर ना कर दी जाए).
  • कोई अंग दान करने के लिए अस्पताल में भर्ती होना.
  • जन्मजात दोषों या सहजात असंगतियों को सुधारने के लिए अस्पताल में भर्ती होना
  • दांतों का किसी प्रकार का उपचार अथवा सर्जरी जब तक कि वह दुर्घटनावश शारीरिक चोट के कारण अनिवार्य ना हो.
  • स्वास्थ्यलाभ, सामान्य कमज़ोरी, स्नावयिक या अन्य विकार, विश्राम उपचार, जन्मजात रोग या दोष या असंगति, बांझपन या अनुर्वरता (निदान एवं या उपचार), कोई सैनेटोरियम, स्पा या विश्राम उपचार या दीर्घकालीन देखभाल या निवारक या स्वास्थ्यवर्धक उपाय के रूप में अस्पताल में भर्ती होना.
3.  बृहद शल्यक्रिया हितलाभ के संबंध में अतिरिक्त वर्जन:
इस पॉलिसी के अंतर्गत बृहद शल्यक्रिया हितलाभ के अंतर्गत किए गए दावे के लिए कोई हितलाभ उपलब्ध नहीं है और निगम द्वारा उसके लिए किसी दावे का भुगतान नहीं किया जाएगा, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित में से किसी के कारण किया गया हो, उस पर आधारित हो या किसी भी प्रकार से उस पर आरोप्य हो:
  • वे शल्यक्रियाएं जो परिशिष्ठ I में दी गई बीमित शल्यक्रिया प्रक्रियाओं की सूची में वर्णित न हों
  • स्वास्थ्य संबंधी कारणों से (दुर्घटना के कारण नहीं) जोखिम आरंभ तिथि से 180 दिनों के भीतर की गई सर्जरी या जोखिम सुरक्षा समाप्त के उपरांत पॉलिसी के पुनःप्रवर्तन/पुनःस्थापन की तिथि से 90 दिनों के भीतर की गई शल्यक्रिया
  • कोई शल्यक्रिया, जिसके लिए पहले दावा किया जा चुका है और निगम द्वारा भुगतान कर दिया है.
  • कोई उपचार, जो फ़िज़िशियन/शल्यचिकित्सक द्वारा नहीं किया गया हो.
  • शल्यक्रिया सहित कोई भी उपचार, जो अपारंपरिक तरीके से प्रयोगात्मक स्थितियों में किया गया हो तथा पूर्णतः प्रयोगात्मक स्वरूप का हो.
  • सुन्नत, किसी भी प्रकार का सौंदर्य या प्रसाधन उपचार, लिंग परिवर्तन के लिए शल्यक्रिया अथवा उपचार, मोटापे के लिए उपचार (शल्यक्रिया सहित), प्लास्टिक सर्जरी (किसी बीमारी या बीमित घटना के परिणामस्वरूप सांयोगिक चोट के उपचार के लिए अनिवार्य न हो और छः महीने के भीतर न कर दी जाए).
  • कोई अंगदान करने के लिए की गई शल्यक्रिया.
  • किसी सामग्री को निकालना या सुधारना या बदलना, जो बीमा शुरू होने की तिथि से पूर्व किसी पिछली शल्यक्रिया में आरोपित की गई हो
  • जन्मजात दोषों अथवा सहजात असंगतियों को सुधारने के लिए की गई शल्यक्रिया
  • गर्भ (चाहे गर्भाशयी या गर्भाशयेतर) से या उससे संबंधित कोई निदान अथवा उपचार अथवा शल्यक्रिया.

IV. निधियों का निवेश
यूनिटों को खरीदने के लिए आबंटित प्रीमियमों को अनिवार्य रूप से इस प्रकार हेल्थ प्रोटेक्शन प्लस निधि, SFIN No में निवेश किया जाएगा: ULIF001290409LICHPR+FND512 (आय तथा वृद्धि – कम जोखिम) निम्नप्रकार हैं:
 

A. सरकारी/ सरकारी गारंटीकृत निगमित प्रतिभूतियां/ऋण 50 प्रतिशत से कम नहीं
B. लघु अवधि निवेश: उपरोक्त A. सहित मुद्रा बाजार उपकरण 90 प्रतिशत से अधिक नहीं
C. सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों में निवेश 10 प्रतिशत से कम नहीं एवं 50 प्रतिशत से अधिक नहीं

1. यूनिट मूल्य की गणना की विधि: यूनिटों का आबंटन, आबंटन की तिथि पर निवल परिसंपत्ति मूल्य (NAV) पर आधारित होगा. यहां कोई भी बोली प्रस्ताव विस्तार (बिड ऑफर स्प्रेड) नहीं है. NAV की गणना दैनिक आधार पर की जाएगी, जो निवेश कार्य-निष्पादन तथा निधि प्रबंधन प्रभार आधारित होगी कि और इसकी गणना निम्न के आधार पर की जाएगी: 
अ. निवल परिसंपत्ति मूल्य (NAV) लागू किया जाना:निगम की किसी भी शाखा में दोपहर तीन बजे तक स्थानीय चेक अथवा प्रीमियम प्राप्ति के स्थान पर सममूल्य पर आधारित मांग देय ड्राफ़्ट द्वारा प्राप्त प्रीमियम (इरडा के निर्देशानुसार) पर उस दिन के समापन का NAV लागू होगा. निगम की किसी भी शाखा में इसके उपरांत प्राप्त स्थानीय चेक अथवा प्रीमियम प्राप्ति के स्थान पर समकक्ष मूल्य पर मांग देय ड्राफ्ट द्वारा प्राप्त प्रीमियम पर अगले व्यवसाय के समापन का NAV लागू होगा.
ब. यूनिटों की पुनः प्राप्ति: निगम की किसी भी शाखा ऐसे समय पर चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति, मृत्यु दावों आदि से संबंधित मान्य आवेदनपत्र प्राप्त होने पर उस दिन के समापन का NAV लागू होगा. निगम की किसी भी शाखा द्वारा आवासीय चिकित्सा हितलाभ, मृत्यु दावों आदि से संबंधित मान्य आवेदनपत्र तीन बजे के उपरांत प्राप्त होने पर (IRDA के निर्देशानुसार) अगले व्यवसाय दिवस के समापन का NAV लागू होगा.
2. योजना के अंतर्गत प्रभार: 
अ. प्रीमियम आबंटन प्रभार: : यह प्राप्त प्रीमियम से प्रभारों के लिए रखे प्रीमियम का प्रतिशत है. प्रीमियम के शेष भाग को आबंटन दर कहते हैं, जो प्रीमियम का वह भाग है, जिसका प्रयोग पॉलिसी की यूनिटें (निवेश) खरीदने हेतु किया जाता है. आबंटन प्रभार इस प्रकार है:

प्रथम वर्ष उसके उपरांत
30 % 6%

उपरोक्त आबंटन प्रभार उस विशेष पॉलिसी वर्ष में दिए अतिरिक्त प्रीमियम को मिलाकर सभी प्रीमियमों पर लागू होगा..
ब. स्वास्थ्य बीमा प्रभार: नीचे दिए गए हितलाभों के लिए दो पृथक-पृथक प्रभार होंगे:
i)  अस्पताल नकद हितलाभ
ii) बृहद शल्यक्रिया हितलाभ.
पॉलिसी निधि में से समुचित यूनिटों की संख्या निरस्त कर के यह प्रभारी सभी बीमित सदस्यों के लिए प्रतिमाह लिया जाएगा. 
पॉलिसी वर्ष के दौरान यह प्रभार प्रत्येक बीमित सदस्य के निकटतम जन्मदिन पर आधारित होंगे क्योंकि या तो यूनिटों के निरस्तीकरण के साथ ही या उससे पूर्व आने पर प्रत्येक वर्ष पॉलिसी वर्षगांठ पर इसमें वृद्धि संभावित है. ये प्रभार, बीमित व्यक्ति के स्त्री अथवा पुरुष तथा बीमांकन नियमानुसार मानक अथवा निम्नस्तरीय जीवन बीमा होने पर निर्भर होंगे. 
यदि पॉलिसी के अंतर्गत एक से अधिक सदस्य बीमित हैं, तो कुल प्रभार सभी व्यक्तियों की व्यक्तिगत आयु तथा प्रत्येक सदस्य की सुरक्षा धन राशि पर आधारित होगा.
अस्पताल नकद हितलाभ के मामले में पॉलिसी तालिका के अनुसार प्रभार आरंभिक दैनिक हितलाभ पर लागू किए जाएंगे.
हितलाभ समाप्त होने के उपरांत अस्पताल नकद हितलाभ तथा/अथवा बृहद शल्यक्रिया हितलाभों पर प्रभार की कटौती नहीं होगी.
रुपए के लिए नमूना प्रभार HCB हेतु प्रतिदिन 100 रु तथा MSB हेतु मानक जीवनों के लिए 1000/- SA इस प्रकार होंगे:


आयु
HCB MSB
  पुरुष जीवन स्त्री जीवन पुरुष जीवन स्त्री जीवन
5 24.43 24.43 0 0
15 20.71 20.71 0 0
25 31.39 24.34 1.02 1.38
35 33.59 29.96 1.58 1.75
45 49.29 53.20 3.54 2.64
55 76.08 72.53 7.28 5.16

c. अन्य प्रभार:


पॉलिसी प्रशासन प्रभार
पॉलिसी के प्रथम वर्ष के दौरान प्रतिमाह 75 /- रु. तथा इसके बाद के वर्षों के दौरान प्रतिमाह 25 रु.
निधि प्रबंधन प्रभार: यूनिट निधि का 1.25 प्रतिशत प्रति वर्ष, जो दैनिक आधार पर NAV की गणना करते हुए लगाया जाएगा.
बोली/प्रस्ताव फैलाव शून्य
सेवा कर प्रभार निम्नलिखित प्रभारों पर सेवा कर प्रभार लगाया जाएगा:
  • पॉलिसी प्रशासन प्रभार और स्वास्थ्य बीमा प्रभार- पॉलिसीधारक के निधि मूल्य (फंडवैल्यू) से मासिक आधार पर उचित संख्या में यूनिटों को रद्द करके पॉलिसी प्रशासन एवं स्वास्थ्य बीमा प्रभार की कटौती की जाएगी.
  • प्रीमियम आबंटन प्रभार – यह प्रीमियम आबंटन के समय लिया जाएगा
  • निधि प्रबंधन प्रभार – दैनिक आधार पर NAV की गणना करते हुए लगाया जाएगा.
यह प्रभार सेवा कर के अनुसार समय-समय पर लागू सेवा कर की दर के अनुसार होगा. वर्तमान में प्रभावी सेवा कर 10.30% है जिसमें 10% सेवा कर एवं 3% की दर से शिक्षा उपकर भी सम्मिलित है.


d. प्रभाव संशोधित करने का अधिकार -निगम को प्रीमियम आबंटन प्रभार को छोड़कर सभी अथवा उपरोक्त कोई भी प्रभार संशोधित करने का अधिकार है. प्रभारों में संशोधन इरडा की पूर्व अनुमति से भावी प्रभार से होगा. 
हालांकि प्रभारों की समीक्षा की जाती है, तथापि वे निम्नलिखित अधिकतम सीमा तक होंगेः

  • पॉलिसी प्रशासन प्रभार- पॉलिसी के पहले वर्ष के दौरान 150/- रु. प्रति माह और उसके पश्चात पॉलिसी की संपूर्ण अवधि के लिए 50/- रु. प्रति माह.
  • निधि प्रबंधन प्रभार-निधि के लिए अधिकतम यूनिट निधि का 2.5 प्रतिशत प्रति वर्ष होगा.
  • अस्पताल नकद जोखिम सुरक्षा प्रभार और बृहद शल्यक्रिया प्रभार – हितलाभ प्रभार वर्तमान दर के 200 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे..

वैधानिक चेतावनी : “कुछ हितलाभ गारंटीशुदा हैं और कुछ हितलाभ जीवन बीमा कंपनी की भावी कार्य-निष्पादकता के आधार पर अर्जित लाभ के अनुसार परिवर्तनशील हैं.

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