Javascript is not currently enabled in your browser.
You must enable Javascript to run this web page correctly.

वेल्थ प्लस प्लान

लाभ
  1. लाभ:

A) मृत्यु लाभ :
पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में, नामित मृत्‍यु लाभ के रूप में पॉलिसीधारक के निधि मूल्य के साथ मूल योजना के तहत बीमित रकम प्राप्त करेगा.

पॉलिसी अवधि के बादलेकिन विस्तारित अवधि की समाप्ति से पहले मृत्यु होने की स्थिति में,नामित मूल योजना के अंतर्गत बीमित राशि प्राप्त करेगा.

B)  पॉलिसी अवधि की समाप्ति पर लाभ:
अनुबंध की पॉलिसी अवधि की समाप्‍ति तक बीमित के जीवित रहने पर, पॉलिसी के शुरुआती 7 वर्षों के दौरान रिकॉर्ड किये गये अधिकतम शुद्ध संपत्ति मूल्‍य (एनएवी) या पॉलिसी अवधि के अंत में लागू एनएवी, जो अधिकतम हो, के आधार पर पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य के बराबर एक राशि भुगतान योग्‍य होगी.

  1. विकल्प:

दुर्घटना लाभ विकल्प : 

यदि आपकी उम्र 18 से 62 साल के बीच की है, तो आप दुर्घटना लाभ के बराबर कम से कम 50,000 और अधिकतम 50 लाख रु. की राशि का जीवन सुरक्षा लाभ चुन सकते हैं (एलआईसी ऑफ़ इंडिया और अन्‍य सभी बीमाकंपनियों से ली गयी सभी पॉलिसियां). दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में, दुर्घटना लाभ बीमित राशि के बराबर एक अतिरिक्त राशि देय होगी.
 

  1. निधियों का निवेश : निधि विवरण  निम्नानुसार है:
निधि का प्रकार सरकारी/ सरकार द्वारा गारंटित प्रतिभूतियों/ निगमित ऋण में निवेश अल्‍पावधि निवेश यथा मुद्रा बाजार दस्‍तावेज सूचीगत इक्विटी शेयरों में निवेश जोखिम/ प्रतिफल के लिये निधि का ब्‍यौरा और उद्देश्‍य
वेल्थ प्लस निधि 0% से100% 0% से 100% 0% से 100% मध्यम जोखिम


इस अवधि में, जिसके दौरान यह उत्‍पाद विक्रय के लिये खुला है, प्राप्‍त की गई सभी प्रीमियमें लागू अवधि जैसे विक्रय की दिनांक से योजना बंद होने की दिनांक के दौरान मुद्रा बाज़ार दस्‍तावेज़ में निवेशित की जायेंगी. योजना की समाप्‍ति की दिनांक के बाद उपर्युक्‍त निवेश स्‍वरूप निम्‍नानुसार होंगे.
 

  1. यूनिट मूल्य की गणना की विधि: यूनिटों का आवंटन संबंधित निधि के उस शुद्ध संपत्ति मूल्‍य (एनएवी) के आधार पर किया जाएगा, जो आवंटन की तिथि पर हो. यूनिटों की बोली मूल्‍य और प्रस्‍ताव मूल्य में कोई अंतर नहीं होगा (दोनों ही एनएवी के बराबर होंगे). एनएवी की गणना दैनिक आधार पर की जायेगी और यह निवेश निष्‍पादकता, निधि प्रबंधन प्रभार, ज़मानत शुल्‍क तथा इस बात पर आधारित होगा कि हर प्रकार की निधि के अंतर्गत निधि का प्रसार हो रहा है या संकुचन और इसकी गणना निम्‍नानुसार की जाएगी :

 
विनियोजन मूल्य लागू किया जाता है (जब निधि का विस्तार हो रहा हो ): 
निधि में पड़े निवेशों का बाज़ार मूल्‍य संपत्तियों के क्रय में किया गया व्‍यय धन, किन्‍हीं जारी संपत्तियों का मूल धन, निधि प्रबंधन शुल्‍क से प्राप्‍त कोई अर्जित आय जोड़कर और किन्‍हीं चालू देयताओं और प्रावधानों का मूल्‍य घटाकर, यदि कोई हों, मूल्‍यांकन दिनांक पर (कोई नई यूनिट आवंटित करने से पहले) विद्यमान यूनिटों की संख्‍या से भाग करके निकाला जाता है.

ज़ब्ती कीमत लागू की जाती है  (जब निधि का संकुचन हो रहा हो) 
निधि में पड़े निवशों का बाज़ार मूल्‍य संपत्तियों के विक्रय में किये गये व्‍यय को जोड़कर, किन्‍हीं जारी संपत्तियों का मूल धन, निधि प्रबंधन शुल्‍क से प्राप्‍त कोई अर्जित आय, किन्‍हीं चालू देयताओं और प्रावधानों ( कोई यूनिट हटाने से पहले), यदि कोई हों, को घटाकर मूल्‍यांकन की तिथि को विद्यमान यूनिटों की संख्‍या से भाग करके निकाला जाता है.

शुद्ध संपत्ति मूल्‍य (एनएवी) लागू होना :
निगम की सेवारत शाखा द्वारा एक विशेष समय पर वर्तमान में 3 बजे दोपहर(वर्तमान में 3 बजे दोपहर) तक ईसीएस या स्‍थानीय चेक या डिमांड ड्राफ़्ट द्वारा प्रीमियम भुगतान प्राप्‍त होने पर उस व्‍यापारिक दिन पर बंद होने वाला एनएवी लागू होगा.निगम की सेवारत शाखा इस निर्धारित समय के बाद ईसीएस या स्‍थानीय चेक या डिमांड ड्राफ़्ट द्वारा प्रीमियम भुगतान प्राप्‍त होने पर अगले व्‍यापारिक दिन पर बंद होने वाला एनएवी लागू होगा.
इसी प्रकारनिगम की सेवा शाखा द्वारा समर्पणआंशिक निकासीमृत्यु दावेपरिवर्तन आदि के लिये उस समय तक प्राप्त वैध आवेदनों के संबंध में उस दिन बंद होने वाला एनएवी लागू होगा. निगम की सेवा शाखा द्वारा समर्पणआंशिक निकासीमृत्यु दावेपरिवर्तन आदि के संबंध में उस समय के बाद प्राप्त वैध आवेदनों के लिये अगले कार्य दिवस को बंद होने वाला एनएवी लागू होगा.
पॉलिसी अवधि के समाप्‍ति पर भुगतान के संदर्भ मेंपॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य पॉलिसी के पहले 7 वर्षों के दौरान अधिकतम एनएवी पर या पॉलिसी अवधि के अंत में लागू एनएवीजो अधिकतम होपर आधारित होगा.
दिया गया समय मौज़ूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार हैं और आईआरडीए से अनुदेशों के अनुसार उनमें परिवर्तन किये जाएंगे.

योजना के अंतर्गत शुल्‍क : 

A) प्रीमियम आवंटन शुल्क : 
यह प्राप्‍त की गयी प्रीमिमय में से काटे गये शुल्‍कों का प्रतिशत है. बकाया हिस्‍सा प्रीमियम का वह भाग बनाता हैजिसका उपयोग पॉलिसी के लिये यूनिट ख़रीदने (निवेश ) मे किया जाता है. आवंटन शुल्‍क निम्‍नानुसार हैं:

एकल प्रीमियम पॉलिसियां:         


      प्रीमियम बैंड
     आवंटन शुल्क
4,00,000तक 5.00%
4,00,001 और अधिक 4.50%

साल  प्रीमियम भुगतान अवधि :

प्रीमियम बैंड 
(वार्षिक)
आवंटन शुल्क
प्रथम वर्ष उसके बाद
20,000 से 2,00,000 12.00% 2.50%
2,00,001 से 4,00,000 11.75% 2.50%
4,00,001 से 7,00,000 11.50% 2.50%
7,00,001 और अधिक 11.25% 2.50%

B)   जोखिम सुरक्षा के लिए शुल्क : 

i)  मृत्यु शुल्क – यह जीवन बीमा सुरक्षा की लागत है. प्रवेश के समय आयु पर आधारित एक मृत्‍यु शुल्‍क स्‍तर पॉलिसी अवधि के दौरान प्रति माह पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य से उचित रूप से निरस्‍तीकरण के द्वारा लिया जायेगा. 
एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्‍ति के संदर्भ में कुछ आयु वर्गों के लिए  प्रति 1000 मूल बीमित रकम पर स्‍तर शुल्‍क निम्‍नानुसार हैं:

आयु 25 35 45 55
रु. 1.65 2.75 6.85 17.25

दुर्घटना लाभ शुल्क – यह दुर्घटना लाभ राइडर का मूल्य है  (यदि लिये गये हों ) और हर पॉलिसी वर्ष में प्रति हजार दुर्घटना लाभ बीमित रकम पर 0.05 की दर से हर महीने लगाए जाएंगे.
C)   अन्य शुल्क :

  1. पॉलिसी प्रशासन शुल्क  - पॉलिसी के पहले वर्ष के दौरान 60 रु. प्रति माह दूसरे वर्ष के दौरान 25 रु. प्रति माह और उसके बाद तीसरे वर्ष से पॉलसी अवधि के अंत तक 25 रु. प्रति माह और इस तरह 3% प्रति वर्ष की तीव्रता से लगाया जायेगा. ये शुल्‍क पॉलिसी धारक के निधि मूल्‍य में से मासिक आधार पर उचित संख्‍या में यूनिटों को निरस्‍त कर काटे जायेंगे.
  2. निधि प्रबंधन शुल्क –यह शुल्‍क संपत्तियों के प्रतिशत के आधार पर लगाया जायेगा और निधि मूल्‍य के 1.00% प्रति वर्ष पर शुद्ध संपत्ति मूल्‍य (एनएवी ) के समायोजन के आधार पर विनियोजित किया जायेगा.

यह एक शुल्‍क है, जो एनएवी की गणना के समय लगाया जायेगा, जिसे दैनिक आधार पर किया जायेगा.

  1. गारंटी शुल्क – निवेश ज़मानत की लागत के लिये निधि मूल्‍य का 0.35% प्रतिवर्ष का एक शुल्‍क लगाया जायेगा.

यह एक शुल्‍क है, जो एनएवी की गणना के समय लगाया जायेगा, जिसे दैनिक आधार पर किया जायेगा.

  1. नीलामी/प्रस्‍ताव विस्‍तार – शून्‍य.
 
  1. समर्पण शुल्‍क –  शून्‍य.      
  2. विविध शुल्‍क – यह शुल्‍क अनुबंध के भीतर ही बदलाव और पुनर्जीवीकरण के लिये लगाया जाता है, जैसे अनुबंध की शुरूआत में तय की गई प्रीमियम भुगतान अवधि के भीतर उच्‍च आवृत्ति के लिये भुगतान प्रकार में परिवर्तन, पॉलिसी के परिणाम के बाद दुर्घटना लाभ का अनुदान वगैरह.

पुनर्जीवीकरण के लिये एक समान शुल्‍क 500 रु. और परिवर्तन के लिए 250 रु. होंगे, जिन्‍हें पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य से उचित रूप से निरस्‍तीकरण द्वारा काटा जायेगा और कटौती पॉलिसी में पुनर्जीवीकरण/ परिवर्तन की दिनांक पर की जायेगी.

  1. सेवा कर शुल्‍क – सेवा शुल्‍क कर, यदि हो, निम्‍न शुल्‍कों पर लगाया जायेगा

    a) पॉलिसी प्रबंधन, मृत्‍यु और दुर्घटना लाभ राइडर, यदि हों- पॉलिसी धारक के निधि मूल्‍य में से मासिक आधार पर उचित संख्‍या में यूनिटों के निरस्‍तीकरण के द्वारा जैसे और जब इसी तरह पॉलिसी प्रशासन, मृत्‍यु और दुर्घटना लाभ राइडर शुल्‍क कटौती हो रही हो.

b) प्रीमियम आवंटन शुल्‍क – प्रीमियम आवंटन के समय. 
c) निधि प्रबंधन शुल्‍क– निधि प्रबंधन शुल्‍क की कटौती के समय. 
d) ज़मानत – ज़मानतशुल्‍क की कटौती के समय.
e)  विविध शुल्‍क – पॉलिसी में पुनर्जीवीकरण/परिवर्तन की दिनांक पर.
इस शुल्‍क का स्‍तर समय- समय पर लागू सेवा कर की दर के अनुरूप होगा. वर्तमान में, सेवा कर की दर 10% के साथ शैक्षणिक उपकर 3% और इस तरह कुल मिलाकर प्रभावी दर 10.30% है.

D) शुल्‍कों के पुनरावलोकन का अधिकार:: निगम प्रीमियम आवंटन शुल्‍क और जीवितता शुल्‍क के अलावा उपर्युक्त में से सभी और किसी भी शुल्‍क के पुनरावलोकन का अधिकार सुरक्षित रखता है. शुल्‍कों में कोई भी बदलाव आईआरडीए की पूर्व अनुमति के बाद भविष्‍य में प्रभावी होगा.
हालांकि शुल्‍क पुनरावलोकन योग्य हैंफ़िर भी वे सेवा कर को छोड़कर निम्‍नांकित अधिकतम सीमा का विषय होंगे :
पॉलिसी प्रशासन शुल्‍क 
पॉलिसी के पहले वर्ष के दौरान 150 रु. प्रति माह दूसरे वर्ष के दौरान 50 रु. प्रति माह और उसके बाद तीसरे वर्ष से पॉलसी अवधि के अंत तक 50 रु. प्रति माह और इस तरह 3% प्रति वर्ष की तीव्रता से लगाया जाता है.
-   निधि प्रबंधन शुल्‍क : प्रत्‍येक निधि के लिये अधिकतम निधि मूल्‍य का 1.30% प्रतिवर्ष होगा
-    ज़मानती शुल्‍क निधि मूल्‍य के 0.50%प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होगा..

-   विविध शुल्‍क प्रत्‍येक बार जब पुनर्जीवीकरण/परिवर्तन के लिये अनुरोध किया जायेगा, पुनर्जीवीकरण के लिये 750 रु. और परिवर्तन के 350 रु. से अधिक नहीं होगा.
उपर्युक्‍त उल्‍लेखित अधिकतम सीमाएं सेवा कर की विशेष हैं .
यदि पॉलिसीधारक शुल्‍कों के पुनरावलोकन से सहमत ना होतो इस स्‍थिति में पॉलिसीधारक के पास अनुबंध अपना निधि मूल्‍य निकासित करने का विकल्‍प होगा. ऐसे मामले में कोई ज़मानत लागू नहीं होगी.

1. समर्पण :

पॉलिसी केवल पॉलिसी अवधि के दौरान ही समर्पित की जा सकती है. एकल और नियमित प्रीमियम दोनों ही मामलों में समर्पण मूल्‍ययदि कोई है3 प्रीमियम भुगतान अवधि अनुबंध पूरे होने के बाद ही भुगतान योग्‍य होगा. समर्पण मूल्‍य समर्पण दिनांक पर पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य होगा. इस पर कोई समर्पण शुल्‍क नहीं लगेगा.पॉलिसी विस्‍तारित जीवन सुरक्षा अवधि के दौरान समर्पित नहीं की जा सकती.
यदि आप पॉलिसी शुरू होने के 3 वर्ष के भीतर समर्पण के लिये आवेदन करते हैंतो पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य मौद्रिक शर्तों में परिवर्तित कर दिया जायेगा. इसके बाद किसी तरह के शुल्‍क नहीं लिये जायेंगे और पॉलिसी शुरू होने की दिनांक से 3 वर्ष पूरे होने के बाद इस मौद्रिक राशि का भुगतान कर दिया जायेगा.
यदि समर्पण की दिनांक के बादपरंतु पॉलिसी के शुरू होने की दिनांक से 3 वर्ष पूरे होने के पहले पॉलिसीधारक की मृत्‍यु हो जाती हेतो 3 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद देय मौद्रिक मूल्‍य तुरंत ही नामित/कानूनी वारिस को भुगतान योग्‍य होगा.

अनिवार्य समर्पण :
पॉलिसी निम्‍न मामलों में अनिवार्य रूप से समर्पित की जाएगी :
i) जहां पुनर्जीवीकरण की अवधि के दौरान पॉलिसी पुनर्जीवित ना की गयी हो, पॉलिसी शुरू होने की दिनांक से 3 वर्ष पूरे होने या पुनर्जीवन अवधि के समाप्‍त होने के बादजो भी बाद में हो,पॉलिसी निरस्‍त कर दी जायेगी.
ii) जहां एकल प्रीमियम का भुगतान कर दिया गया हो याजहां प्रीमियमें 3 वर्ष से कम समय तक भरी गयी हों और पॉलिसी जारी हो और पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य का शेष संबद्ध शुल्‍कों के पुनर्भरण के लिये पर्याप्त ना हो;
iii) जहां प्रीमियमें पूरे 3 वर्षों तक भरी गयी हों और पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य का शेष एक वार्षिकीकृत प्रीमियम के 50% से कम हो गया हो.
मौद्रिक मूल्‍य में परिवर्तन निम्‍नानुसार होगा :
समर्पण के लिये आवेदन की दिनांक पर या जिस दिनांक पर पुनर्जीवन अवधि समाप्‍त होती है (अनिवार्य समर्पण के मामले में )जैसा भी मामला होउसी दिनांक के एनएवी को पॉलिसीधारक की निधि में मौज़ूद यूनिटों की संख्‍या से गुणा किया जाता है.

Life Insurance Corporation of India – Corporate Office : Yogakshema Building, Jeevan Bima Marg, P.O. Box No – 19953, Mumbai – 400 021 IRDAI Reg No- 512
Top