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वेल्थ प्लस

वेल्थ प्लस प्लान

इस पॉलिसी में, निवेश पोर्टफ़ोलियो में निवेश जोखिम पॉलिसीधारक द्वारा वहन किया जाता है.

एलआईसी की वेल्थ् प्लरस एक यूनिट से जुड़ी योजना है, जो आपके निवेश को बाज़ार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखती है, जिससे आपके निवेश वित्तीय अस्थिेतरता समय में सुरक्षित रहते हैं. यह योजना पॉलिसी अवधि के अंत में, पॉलिसी के शुरूआती 7 वर्षों में अधिकतम शुद्ध संपत्ति मूल्ये (एनएवी) या पॉलिसी अवधि के अंत में लागू एनएवी, जो अधिकतम हो, पर आधारित निधि मूल्य् के भुगतान का प्रस्तातव करती है. निधि का एनएवी न्यूहनतम 10 रु. का विषय होगा. पॉलिसी अवधि की समाप्तिआ के बाद 2 वर्ष की विस्ताधरित जीवन सुरक्षा के साथ पॉलिसी अवधि 8 वर्ष की है.

आप प्रीमियम भुगतान एकल एकमुश्त या 3 वर्षों के लिए कर सकते हैं. आप सीमाओं के भीतर सुरक्षा का स्तएर चुन सकते हैं, जो आपकी आयु, पॉलिसी एकल प्रीमियम है या सीमित प्रीमियम अनुबंध, और आपके द्वारा प्रीमियम भुगतान के स्तयर पर सहमति पर निर्भर करेगा.

आवंटन शुल्कय निधि की यूनिटों की ख़रीदी करेगा, उसके बाद प्रीमियम का भुगतान होगा. यूनिट निधि कई शुल्कों का विषय है और यूनिटों का मूल्य शुद्ध संपत्ति मूल्य (एनएवी) के आधार पर घट या बढ़ सकता है.

1. प्रीमियमों का भुगतान: आप 3 वर्षों की प्रीमियम भुगतान अवधि में वार्षिक, अर्द्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक (केवल ईसीएस प्रकार के ज़रिये) अंतरालों पर नियमित रूप से प्रीमियमों का भुगतान कर सकते हैं. वैकल्‍पिक रूप से, एकल प्रीमियम भुगतान किया जा सकता है.


गारंटीकृत एनएवी : 
इस उत्‍पाद में दैनिक आधार पर, पॉलिसी के पहले 7 वर्षों में, न्‍यूनतम 10 रु. के विषय में,  रिकॉर्ड किये गये अधिकतम एनएवी की गारंटी है. इसका मतलब है कि पॉलिसी के अंत में होने वाला भुगतान पॉलिसी के शुरूआती 7 वर्षों में अधिकतम शुद्ध संपत्ति मूल्‍य (एनएवी) या पॉलिसी अवधि के अंत में लागू एनएवी, जो अधिकतम हो, पर आधारित होगी. गारंटी, पॉलिसी अवधि के दौरान की गई किसी भी आँशिक निकासी से असंबद्ध, केवल पॉलिसी अवधि के अंत में दिये जाने वाले भुगतान के लिए लागू होगी. 7 वर्षों की अवधि पॉलिसी के प्रारंभ होने की दिनांक से शुरू होती है.

2. पात्रता शर्तें और अन्‍य प्रतिबंध :

(a) प्रवेश के समय न्‍यूनतम आयु    -           10 वर्ष (आयु पिछला जन्‍मदिन)
(b) प्रवेश के समय अधिकतम आयु -           65 वर्ष (आयु निकटतम जन्‍मदिन)
(c) पॉलिसी अवधि                           -            8 वर्ष 
(d) विस्‍तारित जीवन सुरक्षा                        -            पॉलिसी अवधि
पूरी होने के बाद 2 वर्ष 
(e) न्‍यूनतम प्रीमियम : 
3 वर्षों की प्रीमियम भुगतान पॉलिसियां       -           [20,000]रु. प्रति वर्ष 
( मासिक (ईसीएस प्रकार के अलावा अन्‍य )
मासिक (ईसीएस प्रकार                 -            [2,000] रु. प्रति माह 
एकल प्रीमियम पॉलिसियां                        -[40,000] रु. प्रति वर्ष 

(f) मूल योजना के तहत बीमित रकम  -   

न्‍यूनतम बीमित रकम:
वर्षों की प्रीमियम भुगतान अवधि: वार्षिकीकृत प्रीमियम का 5 गुना 
एकल प्रीमियम:       एकल प्रीमियम का  1.25 गुना.

अधिकतम बीमित रकम: 

वर्षों की प्रीमियम भुगतान अवधि
यदि प्रवेश के समय आयु 50 वर्ष है, तो वार्षिकीकृत प्रीमियम का 10गुना
यदि प्रवेश के समय आयु 51 वर्ष या उससे अधिक है, तो वार्षिकीकृत प्रीमियम का 5गुना

एकल प्रीमियम :
यदि प्रवेश के समय आयु 40 वर्ष है, तो एकल प्रीमियम का 5 गुना.
यदि प्रवेश के समय आयु 41 से 50 वर्ष के बीच है ,तोएकल प्रीमियम का 2.5 गुना.
यदि प्रवेश के समय आयु 51 वर्ष या उससे अधिक है, तोएकल प्रीमियम का 1.25 गुना.

जहां न्‍यूनतम बीमित रकम 5000 रु. का गुणक नहीं है, तो यह 5000 रु. के अगले
गुणक में पूरी होगी. वार्षिकीकृत प्रीमियम ईसीएस प्रकार के अलावा 1000 के गुणकों
में भुगतानयोग्‍य होगी. मासिक (ईसीएस ) के लिए, प्रीमियम 500 रु. के गुणकों में होगी

 

3. अन्‍य सुविधाएं :
i) आँशिक निकासियां : आप निम्‍न के विषयानुसार पॉलिसी की तीसरी वर्षगांठ के बाद यूनिटों का आँशिक रूप से नगदीकरण कर सकते हैं:

  1. नाबालिगों के मामले में, आँशिक निकासियों की अनुमति बीमित के वयस्‍कता प्राप्‍त करने के साथ पड़ने वाली पॉलिसी वर्षगांठ पर या वयस्‍कता प्राप्‍त होने के ठीक बाद पड़ने वाली दिनांक से होगी  (यानि 18 वें जन्‍मदिन पर या उसके बाद ).
  2. एक पॉलिसी वर्ष में दो बार आँशिक निकासियों की अनुमति होगी.
  3. आँशिक निकासियां निश्‍चित राशि के रूप में या यूनिटों की निश्‍चित संख्‍या के रूप में न्‍यूनतम 2000 रु. का विषय हो सकती हैं.
  4. 3 वर्षों तक प्रीमियम भुगतान अवधि पॉलिसियों के तहत, जहां 3 वर्षों से कम प्रीमियमों का भुगतान किया गया हो और आगे की प्रीमियमें नहीं चुकाई गई हों, आँशिक भुगतानों की अनुमति नहीं होगी.
  5. 3 वर्षों तक प्रीमियम भुगतान अवधि पॉलिसियों के तहत, जहां सभी प्रीमियमों का भुगतान हो गया हो, आँशिक निकासी की अनुमति पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य कम से कम एक वार्षिकीकृत प्रीमियम के बराबर रहने का विषय होगी.
  6. एकल प्रीमियम पॉलिसियों के तहत, आँशिक निकासी की अनुमति, पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य में एकल प्रीमियम का न्‍यूनतम 25% शेष रहने का विषय होगी.

ii) जोखिम सुरक्षा का बढ़ना /घटना: लाभों के किसी भी प्रकार से बढ़ने या घटने की अनुमति नहीं होगी.

iii)प्रीमियमों की अनियमितता : यदि प्रीमियमें वार्षिक, अर्द्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक(ईसीएस प्रकार के ज़रिये) रूप से भुगतान योग्‍य हैं और पॉलिसी के अनुकंपा दिनों के भीतर उनका विधिवत भुगतान नहीं किया जाता है, तो पॉलिसी निरस्‍त हो जाती है. एक निरस्‍त पॉलिसी पहली भुगतान ना की गई प्रीमियम की निर्धारित दिनांक से दो वर्षों की अवधि के दौरान पुनर्जीवित की जा सकती है.
यदि पॉलिसी निरस्‍त हो जाती है, तो जीवन सुरक्षा और दुर्घटना लाभ राइडर सुरक्षा, यदि है, समाप्‍त हो जाएंगे और इन लाभों के लिये कोई शुल्‍क नहीं काटा जायेगा.हालांकि, अन्‍य सभी शुल्‍कों की कटौती जारी रहेगी. इस तरह की एक निरस्‍त पॉलिसी के अंतर्गत लाभ निम्‍नानुसार भुगतान योग्‍य होंगे:
 

  • » मृत्‍यु की स्‍थिति में :पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य.
  • » दुर्घटना में मृत्‍यु की स्‍थिति में :केवल, उपर्युक्त A के तहत बताई गई राशि.
  • » समर्पण के मामले में(अनिवार्य समर्पण शामिल ):ऐसे मामले में पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य / यूनिटों का मौद्रिक मूल्‍य, पॉलिसी की तीसरी वर्षगांठ पूरी होने के बाद भुगतान योग्‍य होगा. पॉलिसी शुरू होने की दिनांक से 3 वर्षों के भीतर कोई भी राशि भुगतान योग्‍य नहीं होगी.
  • » आँशिक निकासी के मामले में :इस तरह की एक पॉलिसी के तहत 3 वर्षों की अवधि पूरी होने के बाद भी आँशिक निकासी की अनुमति नहीं होगी.

iv) पुनर्जीवीकरण यदि अनुकंपा दिनों के भीतर प्रीमियम भुगतान नहीं किया जाता, तो पॉलिसी निरस्‍त हो जाती है. एक निरस्‍त पॉलिसी पहली भुगतान ना की गई प्रीमियम की निर्धारित दिनांक से दो वर्षों की अवधि के दौरान पुनर्जीवित की जा सकती है. वह अवधि, जिसके दौरान पॉलिसी पुनर्जीवित की जा सकती है, "पुनर्जीवन की अवधि"  या "पुनर्जीवन अवधि"  कहलाएगी.

पॉलिसी पहली भुगतान ना की गई प्रीमियम की निर्धारित दिनांक से दो वर्षों की अवधि के दौरान पुनर्जीवित की जा सकती है. पुनर्जीवीकरण निगम के संतोष के लिए बीमा जारी रखने के प्रमाण की प्रस्‍तुति और सभी बकाया प्रीमियमों का ब्‍याज रहित भुगतान से किया जा सकेगा. इसके बाद मृत्‍यु शुल्‍क पुनर्जीवीकरण की दिनांक पर निकटतम जन्‍मदिन पर आयु आधारित होंगे. पुनर्जीवीकरण के समय पर 500 रु. का एक शुल्‍क लगेगा.

निगम अपनी शर्तों पर एक निरस्‍त हो गई पॉलिसी का पुनर्जीवीकरण स्‍वीकार करने या अस्‍वीकार करने का अधिकार सुरक्षित रखता है. एक निरस्‍त हो चुकी पॉलिसी का पुनर्जीवीकरण निगम द्वारा केवल उसके अनुमोदन और विशेष रूप से प्रस्‍तावक/बीमित को लिखित में संचारित करने के बाद ही प्रभावी होगा.

उपर्युक्‍त उल्‍लेखित से असंबद्ध, यदि पॉलिसीधारक का निधि मूल्‍य शुल्‍कों की वसूली के लिये पर्याप्‍त ना हुआ, तो पॉलिसी समाप्‍त कर दी जायेगी और इसके बाद पुनर्जीवीकरण की सुविधा नहीं होगी.

v) पुनर्स्‍थापना: एक बार समर्पण कर देने के बाद एक पॉलिसी समर्पित नहीं की जा सकती.

vi) पॉलिसीधारक द्वारा वहन किये जाने वाले जोखिम :

  1. एलआईसी की वेल्‍थ प्‍लस एक यूनिट से जुड़ा बीमा उत्‍पाद है, जो पारंपरिक बीमा उत्‍पादों से भिन्‍न है और जोखिम तत्‍वों के विषय हैं.
  2. यूनिट से जुड़ी जीवन बीमा पॉलिसियों में प्रीमियम भुगतान पूंजी बाज़ार से जुड़े जोखिम निवेश और निधि के प्रदर्शन के आधार पर यूनिटों के एनएवी के ऊपर या नीचे जाने और पूंजी बाज़ार को प्रभावित करने वाले तत्‍वों का विषय होते हैं और अपने निर्णय के लिये बीमित ही ज़िम्‍मेदार है.
  3. भारतीय जीवन बीमा निगम केवल एक बीमा कंपनी का नाम है और एलआईसी की वेल्‍थ प्‍लस केवल यूनिट से जुड़े बीमा अनुबंध का नाम है और किसी भी तरह से अनुबंध की गुणवत्ता, इसकी भावी संभावनाओं या प्राप्‍तियों की ओर संकेत नहीं करता है.
  4. कृपया संबद्ध जोखिमों और लागू होने वाले शुल्‍कों के बारे में अपने बीमा अभिकर्ता या मध्‍यस्‍थ या बीमित के पॉलिसी दस्‍तावेज़ों से जानें.
  5. इस अनुबंध के तहत प्रस्‍तावित कई निधियां केवल निधियों के नाम हैं और किसी भी तरह से इन योजनाओं की गुणवत्ता, उनकी भावी संभावनाओं और प्राप्‍तियों की ओर संकेत नहीं करती हैं.
  6. पॉलिसी के तहत सभी लाभ कर कानूनों और समय- समय पर मौज़ूद रहने वाले वित्तीय अधिनियमों का भी विषय हैं.


कूलिंग ऑफ़ अवधि:
यदि आप पॉलिसी के  "नियमों और शर्तों" से संतुष्‍ट नहीं हैं, तो आप 15 दिनों के भीतर पॉलिसी हमें लौटा सकते हैं. कूलिंग- ऑफ़ अवधि के भीतर पॉलिसी लौटाए जाने की स्‍थिति में वापस की जाने वाली राशि निम्‍नानुसार निर्धारित होगी:

  • » पॉलिसीधारक की निधि में यूनिटों का मूल्‍य.
  • » सहितअनावंटित प्रीमियम.
  • » सहितपॉलिसी व्‍यवस्‍थापन शुल्‍क कटौती.
  • » रहितमूल योजना के तहत प्रति हज़ार बीमित रकम पर 0.20 रु. शुल्‍क
  • » रहितचिकित्‍सकीय परीक्षण और विशेष रिपोर्ट्स, यदि हों, की वास्‍तविक लागत.

  • » कर्ज़ 
    इस योजना के तहत कोई कर्ज़ उपलब्‍ध नहीं होगा.
  • » दिये गये कार्य:
    इस योजना के तहत दिये गये कार्य की अनुमति होगी
  • » निवारण :
  • एक वर्ष के भीतर किसी भी समय बीमित के आत्‍महत्‍या कर लेने के मामले में मृत्‍यु होने पर निगम, पॉलिसीधारक के निधि मूल्‍य को विस्‍तृत करने के अलावा पॉलिसी संबंधी किसी भी दावे पर विचार नहीं करेगा.
Life Insurance Corporation of India – Corporate Office : Yogakshema Building, Jeevan Bima Marg, P.O. Box No – 19953, Mumbai – 400 021 IRDAI Reg No- 512
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