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पॉलिसी की स्‍थिति

पॉलिसी की स्‍थिति

 
दिशा निर्देश
यह वेबसाइट बीमाधारक को सामान्य तथा बीमा संबंधित जानकारीयों को देखने हैं तो, नये ग्राहकों को पंजीकरण की प्रक्रिया से गुजरना होगा जिसका विवरण निम्नलिखित पंक्तियों में दी गई है।
 
लाग इनः
पंजीकृत सदस्यों की लागइन सुविधा के लिए होम पेज पर सुविधा उपलब्ध है।
 
पंजीकरणः
सभी सदस्यों के लिए आन लाइन पंजी करण फार्म भरना, यूजर नेम तथा अपनी पसंद का पासवर्ड हासिल करना अनिवार्य है।
  • » यूजर नेम अल्फा, राशि, चरित्र डाट तथा अंडर स्कोर में हो सकता है।
  • » पासवर्ड ८ से ३० चरित्र में होना चाहिए।
  • » निशान *वाली सुचनाएं भरना अनिवार्य है और उसे रिफ्त नहीं छोड़ा जा सकता।
  • » पिन कोड ६ अक्षरों से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
  • » आगे के दिनों में पत्राचार के लिए सही ई-मेल आई डी का होना जरूरी है।
  • » चुनी गई आइ डी बेजोड़ होनी चाहिए।
  • » पासवर्ड बेजोड़ तथा उसे गुप्त रखना चाहिए।

कामयाबी के साथ पंजीकरण होने के पश्चात बीमाधारक को स्वंय प्रति क्रिया मेल भेजा जाएगा।

 
नाम लिखने की नीति

यदि अपने प्रश्न क्या आप एल आइ सी बीमाधारक हैं? का उत्तर हां दबाया है तो पंजीकरण के समापन के लिए आप के सबमिट बटन दबाते ही आपको नीति एनरोल्मेंट फार्म दिया जाएगा।

इस फार्म में आप को हर पालीसी के लिए आपकों बीमा नंबर, प्रिमियम और बीमित जीवन का नाम (यदि बच्चें की योजनाओं की तरह इसमें भी प्रस्तावना करने वाले का नाम कोई और हो) अपनी पालीसी का नाम दर्ज कराने या प्रस्तुत के किसी और समय आप ये फार्म (पी डी एफ फारमेट) प्रिंट कर सकते हैं।

पंजीकरण के बाद यदि आप तुरंत नहीं बल्कि किसी और समय पर अपना पालीसी क्रमांक तक पहुंचना चाहते हैं तो ऐसा आप जितनी बार चाहें कर सकतें हैं।

याद रहे, आप अपनी जीवन बीमा या किसी प्रस्तवित पालीसी का नाम दर्ज करा सकते हैं।

आप के लिए जरूरी है कि आप फार्म पर हस्ताक्षर करके किसी ऐसी करीबी एल आई सी शाखा में जमा कराएं जिसमें फार्म पर गर्ज किसी एक योजना के लिए सेवा दी जार्तीं हो। वह शाखा आपकी आइ डी में आपके ई-मेल अइ डी पर भेजा जा सकता है।

पालीसी सारांश द्वारा जरूरी जांच के बाद शाखा आप की सभी पालीसियों प्रमाणित करेगी।

नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया इसलिए भी जरूरी है ताकि आपको पता बदलने जैसी आन लाइन सुविधाएं दी जा सकें।

भोग नीतिः

इस वेबपेज तक वही लोग पहुंच सकते हे जिनका पंजीकरण कामयाब रहा हो। पंजीकरण के पश्चात, बीमाधारक पालीसी क्रमांक तथा प्रिमियम राशि बता सकता है। बीमाधारक को जवाबी मेल लिखा जाएगा। यदि पालीसी के विवरण में किसी तरह की त्रुरी पायी गई तो बीमाधारक को मेल द्वारा याद दिलाकर विवरण को परिवर्तित करवाया जाएगा। यदि पालीसी संबंधित जानकारियां दुरुस्त हों तो उसे वेबसाइट पर जाहिर कर दिया जाता है।

यदि पालीसी क्रमांक दुरुस्त ना हो तो पालीसी क्रमांक को पांचवे दिन निकाल दिया जाता है और मेल द्वारा उसकी जानकारी धारक को भेज दिया जाता है।

  • » पालीसी क्रमांक ६ से ९ अंकों के बीच ही होना चाहिए।
स्थितिः
 

कामयाब पंजीकरण के बाद, ग्राहक की पालीसी स्थिति, कर्ज, पूनर्जिवित करन, प्रिमियम बकाया/पालीसी ?केलेंडर/परिपक्वता केलेंडर आदि से संबंधि जानकारीयों तक पहुंच होगी।


फीडबेक फार्म

किसी तरह की पूछताछ और बहुमूल्य सुझाव टिप्पर्णा भेजने के लिए फीडबेक लिंक करें।

 
 
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